
विपक्ष ने खेहरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। मसला बढ़ते देखकर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ। वहीं, महिला आयोग ने भी खैहरा से 12 मार्च तक जवाब देने को कहा है।
पंजाब सरकार ने बजट पेश करने के दौरान महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने का ऐलान किया। इस पर कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर बवाल ही मच गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा का सोशल मीडिया पर लिखा बयान पढ़कर सुनाया। इसमें उन्होंने कहा था कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी। दरअसल खैरा ने आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से महिलाओं को हर माह 1000 रुपए और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए देने की घोषणा पर यह टिप्पणी की थी।
आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत मान और सरबजीत कौर अपनी सीटों पर खड़े होकर सुखपाल सिंह खैहरा के बयान का विरोध करने लगी और सदन में हंगामा मच गया। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने सुखपाल सिंह खैरा का यह बयान नहीं देखा है लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं और इस बात को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। लेकिन आम आदमी पार्टी की महिला विधायक खैरा के बयान का विरोध करने लगी और उन्होंने कहा कि बेशक प्रताप सिंह बाजवा ने इसकी माफी मांग ली हो लेकिन उनका यह बयान माफी योग्य नहीं है। इसे लोगों में लेकर जाया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने खेहरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। मसला बढ़ते देखकर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ। वहीं, महिला आयोग ने भी खैहरा से 12 मार्च तक जवाब देने को कहा है।
एसपी रैंक के अधिकारी से जांच कराने के आदेश
पंजाब राज्य महिला आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो पर तत्काल एक्शन ले लिया है। उस वीडियो को लेकर कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा पर महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। आयोग ने एसएसपी कपूरथला को एसपी रैंक के अधिकारी के माध्यम से तुरंत जांच कर और स्थिति रिपोर्ट पेश करने के लिए सख्त निर्देश दिया है। वहीं, आयोग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और सुखपाल सिंह खैहरा को 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा है
विवाद बढ़ने के बाद भी विधायक अपनी बात पर अड़े
खैरा ने एक और वीडियो जारी कर कहा है कि वह अब भी अपनी बात पर अडिग हैं। उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है। अगर आम आदमी पार्टी को पंजाब की महिलाओं की इतनी ही चिंता थी तो उन्हें ये 1000 रुपए सरकार के पहले बजट में मिलने चाहिए थे न कि आखिर में चुनावी साल में। केजरीवाल और भगवंत मान अब वोट लेने के लिए यह ड्रामा कर रहे हैं। अगर वे सच्चे हैं तो महिलाओं के खातों में चार साल के 48 हज़ार रुपए डालें। उन्होंने कहा कि वैसे भी 1000 रुपए से परिवारों का भला नहीं होने वाला, हमारे पंजाब की महिलाओं को नशे के कलंक से मुक्ति चाहिए। वे चाहती हैं कि उनके पति, बेटे घर से बाहर जाएं तो जिंदा वापस आयें, किसी गोली का शिकार न बन जाएं। महिलाएं चाहती हैं गैंगस्टरों से छुटकारा, बच्चों के लिए रोजगार चाहती हैं।



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