सबरीमाला का 5 किलो सोना कौन खा गया, क्या ये चुनावी मुद्दा बनेगा? PM मोदी ने LDF-UDF दोनों को लपेटा!


PM Modi Kerala rally: केरल की 140 विधानसभा सीटों पर 2021 में हुए विधानसभा चुनाव (Kerala Election 2026) में एलडीएफ (LDF) ने 97 सीट जीतीं तो पिनाराई विजयन लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने. कांग्रेस की अगुवाई वाला UDF 41 पर सिमट गया. बीजेपी 0 और अन्य ने दो सीटें जीतीं. 2026 में बीजेपी केरल में एनडीए (NDA) सरकार बनने का दावा कर रही है. पीएम मोदी ने केरल में पहली रैली करके बिगुल बजा दिया है. पीएम मोदी ने लेफ्ट और कांग्रेस दोनों को ललकारते हुए कहा, ‘सबरीमाला में पाप हुआ है. बीजेपी सत्ता में आई तो सोना चुराने वालों को कड़ी सजा मिलेगी’. आइए जानते हैं कि क्या है सबरीमाला में सोने की चोरी का पूरा मामला. क्या ये विधानसभा चुनाव में मुद्दा बन सकता है? कैसी है लेफ्ट, कांग्रेस और बीजेपी (एनडीए) की तैयारी जिसके दम पर सब अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.

‘केरल की दशा और दिशा बदल देंगे आगामी चुनाव
हाल ही में खत्म हुए निकाय चुनावों के बाद केरल में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को ‘मौका’ दिख रहा है. कांग्रेस 10 साल से सत्ता का वनवास झेल रही है. वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का कहना है कि निकाय चुनावों में एनडीए ने 20 फीसदी वोट शेयर हासिल किया है. आगे हमारा वोट शेयर राज्य में अभूतपूर्व होने जा रहा है. दरअसल बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में केरल की 10 लोकसभा सीटों में से एक त्रिशूर सीट जीत कर आजादी के बाद पहली बार खाता खोला और 10 साल से केरल की सत्ता पर काबिज LDF के कई गढ़ों में बीजेपी ने तगड़ी सेंध लगाई इस हिसाब से बीजेपी, केरल में एनडीए सरकार बनने का दावा कर रही है.

दरअसल केरल की सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे केरल नगर निगम चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन अभूतपूर्व रहा है. एनडीए ने कुल मिलाकर 26 ग्राम पंचायतों में जीत दर्ज की है. नगर निगम की बात करें तो तिरुअनंतपुरम नगर निगम में उसने निर्णायक जीत दर्ज करते हुए 45 साल से चला आ रहा एलडीएफ के शासन का खात्मा कर दिया.

तिरुवनंतपुरम के 101 वार्ड में से BJP ने 50 वार्ड जीते, LDF को 29 और UDF को महज 19 से संतोष करना पड़ा, बाकी पर अन्य जीते. बीजेपी ने कोझिकोड और कन्नूर जैसे धुर वामपंथी गढ़ों में भी भगवा लहराया. जहां आरएसएस के कार्यकर्ताओं और बीजेपी का झंड़ा उठाने वालों की सरेआम हत्या हो जाती थी. पलक्कड़ नगर पालिका पर कब्जा बरकरार रखा और त्रिपुनिथुरा नगर पालिका में भी बीजेपी जीती.

सबरीमाला में BJP को झटका
बीजेपी सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी का मुद्दा जोर शोर से उठा रही है. हिंदुत्व और विकास की लाइन पर चल रही बीजेपी को महीने पर पहले ही पथानामथिट्टा जिले (जहां सबरीमाला मंदिर है) की पंडालम नगर पालिका में करारा झटका तब लगा जब 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों में 18 सीटें जीतकर नगरपालिका पर नियंत्रण लेने वाली बीजेपी सबरीमाला के आस-पास महज 9 सीटें जीत पाई और तीसरे नंबर पर खिसक गई. सबरीमाला में बीजेपी क्यों हारी क्योंकि वो पंडालम में आपसी समन्वय नहीं बिठा पाई. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जिले के नेताओं की आपसी कलह और प्रशासनिक कार्यों का लाभ न ले पाने के चलते बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा.

सबरीमाला सोना चोरी मामला
पीएम मोदी ने कहा, ‘पूरे देश में हम सबकी भगवान अयप्पा में अटूट आस्था है. हालांकि, एलडीएफ सरकार ने सबरीमाला मंदिर की परंपराओं को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. अब यहां से सोने की चोरी की खबरें सामने आ रही हैं. मंदिर से, भगवान के ठीक पास से सोना चुराए जाने की रिपोर्ट्स हैं. मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि जैसे ही यहां भाजपा की सरकार बनेगी, इन आरोपों की गहन जांच होगी और दोषियों की जगह जेल में होगी.’

यह मामला मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे के फ्रेम और रक्षक मूर्तियों को ढकने वाली प्लेटों से सोने के गबन से संबंधित है. इसकी जांच फिलहाल केरल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की ओर से की जा रही है, जो राज्य उच्च न्यायालय के आदेश पर काम कर रही है. चोरी मामले में SIT ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में 21 जगह छापेमारी की है. दरअसल 42.8 किलो सोना मरम्मत के लिए भेजा गया था, जिसमें से 4.5 किलो सोना कम लौटने पर इस घोटाले का खुलासा हुआ. इस केस में अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. हालांकि सबरीमाला में सोने की चोरी का ये मामला चुनावी मुद्दा बनेगा या नहीं बनेगा इस पर केरल में लोग नहीं बनेगा इस पर केरल में लोगों की राय बंटी हुई है.

कांग्रेस ने कमर कसी
केरल के निकाय चुनावों में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ ने भी लेफ्ट की अगुवाई वाले एलडीएफ को कई जगह पटका है. इसके अलावा कांग्रेस को इस बार लेफ्ट सरकार के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी से आस दिख रही है. 23 जनवरी को केरल चुनाव की तैयारियों और भावी रणनीति को लेकर केरल कांग्रेस की बैठक के लिए केरल के तमाम नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पहुंचे. बैठक में राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे. केरल कांग्रेस के प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने मंथन किया. शशि थरूर कुछ देरी से पहुंचे.

लेफ्ट के पास क्या है?
कांग्रेस और बीजेपी के दावों से इतर सीपीआई महासचिव डी राजा को भरोसा है कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट फिर से सरकार बनाएगा. हाल ही में डी राजा ने कहा था कि त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम जीत चुकी, बीजेपी केरल में जोर लगा रही है, पर वो इतनी पावरफुल नहीं हुई कि LDF को हरा सके. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का मानना है कि कोई भी सूचकांक लें, केरल न सिर्फ साक्षरता में पहले नंबर पर है, गरीबी मिटाने में भी केरल ने अच्छा काम किया है. इसलिए एलडीएफ सरकार हैट्रिक पूरी करेगी.

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