त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले आम जनता के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। देश भर में चीनी की कीमतें अब तेजी से काबू में आती हुई नजर आ रही हैं। पिछले एक महीने के भीतर खुदरा बाजार में चीनी के दामों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है।

चीनीमंडी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 22 अगस्त से 21 सितंबर 2026 के बीच देश की राजधानी दिल्ली में खुदरा चीनी का भाव 68 रुपये प्रति किलो से धड़ाम होकर सीधे 53 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। इसके अलावा कानपुर में यह भाव 69 रुपये से घटकर 52 रुपये, रायपुर में 68 से 53 रुपये, मुंबई में 68 से 53 रुपये और रांची में 70 रुपये से गिरकर 54 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

देश के प्रमुख शहरों में क्या रहा खुदरा चीनी का नया भाव?

सिर्फ यही शहर नहीं, बल्कि देश के अन्य बड़े हिस्सों में भी चीनी सस्ती हुई है। कोलकाता में चीनी का खुदरा भाव 70 रुपये से घटकर 54 रुपये, गुवाहाटी में 71 से 55 रुपये, हैदराबाद में 70 से 53 रुपये और चेन्नई में 70 रुपये से कम होकर 56 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है। यानी साफ है कि देश के इन प्रमुख शहरों में खुदरा कीमतों में सीधे 14 से 17 रुपये प्रति किलो तक की भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे आम आदमी की जेब को काफी राहत मिली है। Also Readमोदी सरकार की इस स्कीम ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! दुनिया मान रही है इसकी ताकत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार भी, देश में चीनी की कीमतें अपने पिछले ऊंचे स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं। खुदरा चीनी का जो औसत भाव अगस्त के महीने में करीब 65 रुपये प्रति किलो चल रहा था, वह अब घटकर लगभग 58.50 रुपये प्रति किलो रह गया है। इसके साथ ही मिल स्तर पर यानी एक्स-मिल (Ex-mill) कीमतों में भी लगभग 25 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

थोक बाजार में भी औंधे मुंह गिरे दाम, क्विंटल पीछे इतने रुपये की राहत

थोक बाजारों की बात करें तो वहां भी चीनी के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है। 22 अगस्त को दिल्ली के थोक बाजार में एम-30 (M-30) चीनी का भाव 6,600 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 21 सितंबर को लुढ़ककर सीधे 4,900 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया।

इसी तरह कानपुर में थोक भाव 6,650 से घटकर 4,750 रुपये, मुंबई में 6,750 से 4,800 रुपये और कोलकाता में 6,800 रुपये से घटकर 5,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। दक्षिण भारत के बड़े केंद्र चेन्नई में भी थोक कीमत 6,900 रुपये से घटकर 5,400 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई। इस तरह देश के अलग-अलग शहरों में थोक कीमतें 1,600 से लेकर 2,000 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हो चुकी हैं। Also Readयूपी जॉब अलर्ट: 12वीं पास महिलाओं के लिए आंगनवाड़ी में बंपर भर्ती, 8 अक्टूबर तक है अंतिम मौका

सरकार ने स्टॉक लिमिट को लेकर क्या उठाए कदम?

त्योहारी सीजन की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने थोक चीनी उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा को बढ़ाकर अब 30 दिन कर दिया है। हालांकि, इसमें एक नियम यह भी है कि 15 दिन से अधिक का अतिरिक्त स्टॉक केवल एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (AAS) और टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत आयात (Import) की गई पात्र चीनी से ही रखा जा सकेगा। वहीं, घरेलू बाजार से सीधे खरीदी जाने वाली चीनी की स्टॉक सीमा पहले की तरह ही 15 दिन की खपत तक ही सीमित रखी गई है।

अगर देश के कुल आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारत में चीनी की सालाना घरेलू खपत लगभग 2.8 से 2.85 करोड़ टन रहने का अनुमान है। साल 2025-26 के गन्ना पेराई सत्र के दौरान देश में कुल चीनी का उत्पादन करीब 2.8 करोड़ टन रहा है। इसमें खाद्य एवं पेय कंपनियों, बड़े होटलों, रेस्तरां, कैटरिंग और प्रोसेस्ड फूड बनाने वाली कंपनियों जैसे संस्थागत उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी कुल मांग का लगभग 60 से 65 फीसदी तक होती है।

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