
अक्सर लोग मान लेते हैं कि 60 की उम्र के बाद जोड़ों में दर्द और अकड़न होना सामान्य है। कई लोगों को चलने में परेशानी होने लगती है और सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल लगने लगता है। लेकिन यह हमेशा सिर्फ उम्र की वजह से नहीं होता।
कई मामलों में जोड़ों की समस्या शरीर में पोषण की कमी, सूजन और जॉइंट लुब्रिकेशन कम होने की वजह से होती है। अगर शरीर को सही पोषण दिया जाए, तो इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जोड़ों का दर्द क्यों शुरू होता है
जब शरीर को पर्याप्त कैल्शियम और मिनरल्स नहीं मिलते, तो हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। इसके साथ अगर शरीर में सूजन बढ़ती है, तो कार्टिलेज जल्दी घिसने लगता है।
जोड़ों के अंदर मौजूद लुब्रिकेशन कम होने से अकड़न और दर्द बढ़ सकता है। यही कारण है कि बढ़ती उम्र में पोषण और लाइफस्टाइल दोनों महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
सफेद तिल हड्डियों के लिए फायदेमंद माना जाता है
सफेद तिल में कैल्शियम और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। यह हड्डियों की मजबूती को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। नियमित मात्रा में तिल लेने से हड्डियों की डेंसिटी और जोड़ों की लुब्रिकेशन बेहतर हो सकती है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसे सुबह हल्का भूनकर पानी या दूध के साथ लिया जा सकता है।
मखाना जोड़ों और हड्डियों के लिए अच्छा स्नैक माना जाता है
मखाना कैल्शियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह हड्डियों की कमजोरी कम करने में मदद कर सकता है।इसे शाम के स्नैक के रूप में या रात को दूध के साथ लिया जा सकता है। यह बुजुर्गों के लिए हल्का और पचने में आसान माना जाता है।
हल्दी और काली मिर्च का कॉम्बिनेशन सूजन कम करने में मदद कर सकता है
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन कम करने में मदद करता है। काली मिर्च शरीर में करक्यूमिन के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करती है। रात को हल्दी वाला दूध लेने से जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।
अलसी जोड़ों की लुब्रिकेशन के लिए उपयोगी मानी जाती है
अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो शरीर में सूजन कम करने में मदद करता है। यह जोड़ों की चिकनाहट बनाए रखने में मदद कर सकता है।अलसी को हल्का भूनकर पीसकर दही, आटे या पानी के साथ लिया जा सकता है।
उड़द की दाल शरीर की ताकत और हड्डियों के लिए फायदेमंद मानी जाती है
उड़द की दाल प्रोटीन और मिनरल्स का अच्छा स्रोत होती है। यह मसल्स और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है। इसे खिचड़ी, सूप या दाल के रूप में हफ्ते में 3–4 बार लिया जा सकता है।
एक आसान डेली रूटीन अपनाया जा सकता है
सुबह तिल लेना, दिन में उड़द की दाल खाना और शाम को अलसी लेना फायदेमंद हो सकता है। रात में हल्दी वाला दूध भी लिया जा सकता है। इन सभी चीजों को एक साथ लेना जरूरी नहीं होता। धीरे-धीरे 1–2 चीजों से शुरुआत की जा सकती है।
Health Disclaimer: यह जानकारी केवल स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी भी आहार या उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।




