राजस्थान की राजधानी जयपुर अपने शाही इतिहास और विरासत के लिए जाना जाता है। यह अपने शाही भवनों, परंपरा, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। हर साल यहां दुनिया भर से लाखों पर्यटक आते हैं। इस शहर को 1876 में प्रिंस ऑफ वेल्स के स्वागत के लिए गुलाबी रंग से रंगा गया था, जिसकी झलक आज भी देखने को मिलती है। यही वजह है कि जयपुर को पिंक सिटी भी कहा जाता है। यहां भव्य महल, किले और राजपूत काल की शानदार वास्तुकला के कई उदाहरण मिलते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं जयपुर में जाएं तो क्याक्या करें।

आमेर किला
जयपुर का सबसे भव्य और मशहूर किला आमेर फोर्ट है। अरावली की पहाड़ियों पर बसा यह किला राजपूत वास्तुकला, शाही ठाठबाट और ऐतिहासिक वैभव का शानदार उदाहरण है। यह किला लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से बना है। किले के अंदर शीश महल भी है, जहां की दीवारों और छत पर लगे छोटेछोटे शीशे एक दीपक की रोशनी में पूरे कमरे को चमका देते हैं। यहां सुख निवास भी है, जहां पानी की मदद से ठंडा वातावरण बनाया जाता है।
क्याक्या करें
हाथी की सवारी
लाइट एंड साउंड शो
सिटी पैलेस
जयपुर जाएं तो सिटी पैलेस जरूर जाएं। यह एक महल परिसर है जिसमें म्यूजियम भी है, जहां आपको पारंपरिक भारतीय इंटीरियर को देखने और शहर की शाही विरासत को महसूस करने का मौका मिलेगा। यह बारीक नक्काशी, रंगीन दरवाजों और शाही सजावट के लिए मशहूर है। महल के संग्रहालय में शाही परिधान, हथियार और ऐतिहासिक कलाकृतियां प्रदर्शित हैं।
हवा महल
जयपुर की शाही संस्कृति और वास्तुकला की सुंदरता का शानदार प्रतीक हवा महल दुनिया भर में प्रख्यात है। इसे अनोखी जालीदार खिड़कियों के कारण हवा महल भी कहा जाता है। इसकी संरचना मधुमक्खी के छत्ते जैसी दिखाई देती है। इसमें लगभग 953 छोटीछोटी खिड़कियां हैं, जिनसे ठंडी हवा लगातार अंदर आती रहती है।
नाहरगढ़ किला
नाहरगढ़ अरावली की पहाड़ियों पर बसा एक खूबसूरत किला है, जहां से जयपुर शहर का शानदार नजारा देखा जा सकता है। यहां खासकर शाम के समय सूर्यास्त का नजारा बेहद मनमोहक होता है। इस दौरान पूरा जयपुर शहर सुनहरी रोशनी में नहाया हुआ दिखाई देता है।
जल महल
जल महल जयपुर के मान सागर झील के बीचोंबीच स्थित एक खूबसूरत और अनोखा महल है, जो अपनी शांत और मनमोहक लोकेशन के लिए जाना जाता है। इसके पांच में से चार मंजिलें पानी के अंदर रहती हैं, केवल ऊपरी हिस्सा ही बाहर दिखाई देता है। महल के चारों ओर फैली झील, अरावली की पहाड़ियां और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य देखने लायक होता है। सुबह और शाम के वक्त यहां का नजारा और भी खूबसूरत होता है।
चोखी ढाणी
जयपुर शहर से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चोखी ढाणी एक खूबसूरत एथनिक विलेजथीम रिसॉर्ट है, जहां आपको राजस्थानी संस्कृति, खानपान, परंपराओं और विरासत को पास से देखने का अनुभव मिलता है। यहां पर पारंपरिक लोक नृत्य, कठपुतली शो, ऊंट और बैलगाड़ी की सवारी जैसी गतिविधियां माहौल को पूरी तरह रंगीन बना देती हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। साथ ही, यहां पर परोसी जाने वाली पारंपरिक राजस्थानी थाल में दालबाटी चूरमा, गट्टे की सब्जी और अन्य स्थानीय व्यंजन शामिल होते हैं।
जयगढ़ किला
अरावली की पहाड़ियों पर स्थित एक मजबूत और ऐतिहासिक जयगढ़ किला अपनी सैन्य रचना और भव्यता के लिए जाना जाता है। यह किला आमेर फोर्ट की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया था और दोनों किलों को सुरंगों से जोड़ा गया था। यहां दुनिया की सबसे बड़ी पहियों वाली तोप है, जो पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहती है।





