Kanpur Lal Imli Clock Tower: यूपी के कानपुर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। कानपुर की औद्योगिक विरासत की प्रतीक लाल इमली के 105 साल पुराने क्लॉक टॉवर से घड़ी की सुइयां गायब हो गईं। इस मामले में मिल प्रबंधक ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है। वहीं शुक्रवार को पुलिस ने मिल परिसर का निरीक्षण कर कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके साथ ही वस्त्र मंत्रालय के डिप्टी डॉयरेक्टर जरनल ने रिपोर्ट मांगी है।

ओद्यौगिक विरासत लाल इमली के घड़ी की सुइयां हुईं गायब; प्रबंधक ने दी तहरीर, वस्त्र मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट​
ओद्यौगिक विरासत लाल इमली के घड़ी की सुइयां हुईं गायब; प्रबंधक ने दी तहरीर, वस्त्र मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट​

पहले एक फिर दोनों सुइयां हुईं गायब

लाल इमली में बीते पांच जून को क्लॉक की एक घड़ी की सुइयां नहीं मिलने के बाद प्रबंधक ने आंधी तूफान में क्षतिग्रस्त होने की बात कही थी। लेकिन 18 जून को दो और घड़ी की सुइयां गायब हो गईं। इसके बाद मिल प्रबंधक सुनील कुमार मिश्रा ने चोरी की आशंका जताते हुए कर्नलगंज थाने के मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।

सीढ़ियों की नहीं मिली चाभी

शुक्रवार को कर्नलगंज पुलिस जांच के लिए पहुंची थी। इस दौरान मिल प्रबंधक के साथ ही ड्यूटी पर तैनात गार्ड से पूछताछ की गई। पुलिस जांच के लिए ऊपर जाना चाहती थी। लेकिन सीढ़ियों की चाभी नहीं होने के कारण ऊपर की जांच नहीं हो सकी। करीब छह साल से सीढ़ियों का दरवाजा नहीं खुला है। मिल अधिकारियों का कहना है कि ताले की चाभियां ढूंढी जा रही हैं।

विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने तहरीर ली है, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी विनीत कुमार चौधरी ने बताया कि घड़ी की सुई चोरी होने को लेकर तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं के डिप्टी डॉयरेक्टर जरनल अखिलेश कुमार ने प्रबंधक से रिपोर्ट तलब की है। घड़ी की सुइयां चोरी हुई हैं या अन्य किसी कारण से गायब हुई हैं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

कानपुर शहर का एक ऐतिहासिक और प्रसिद्ध ऊनी कपड़ा मिल

बता दें कि लाल इमली उत्तर प्रदेश के में स्थित एक ऐतिहासिक और प्रसिद्ध ऊनी कपड़ा मिल है। इसकी स्थापना 1876 में ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन ने की थी। यह अपने समय में बेहतरीन गुणवत्ता वाले ऊनी कपड़ों के लिए विश्व भर में मशहूर थी। लाल इमली की सफलता के कारण कानपुर को पहले ‘पूरब का मैनचेस्टर’ कहा जाता था।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लाल इमली मिल ने ब्रिटिश सशस्त्र बलों की वर्दी की भारी मांग को पूरा किया था। लाल इमली मिल की इमारत अपनी लाल ईंटों और विशाल घंटाघर के लिए प्रसिद्ध है, जो शहर के औद्योगिक इतिहास का प्रतीक है।