देश के रियल एस्टेट मार्केट में मजबूती का रुझान जारी है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट JLL India के मुताबिक, देश के सात प्रमुख शहरों में जनवरीमार्च 2026 के दौरान अपार्टमेंट की कीमतों में सालाना आधार पर 8 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह उछाल बढ़ती इनपुट लागत, जमीन और निर्माण खर्च में इजाफा तथा प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग के कारण देखने को मिला। पीटीआई की खबर के मुताबिक, कंसल्टेंट के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान सात शहरों में अपार्टमेंट की बिक्री 8 फीसदी बढ़कर 70,631 यूनिट हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 65,222 यूनिट थी। वहीं, नए अपार्टमेंट्स की सप्लाई में 13 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 90,023 यूनिट तक पहुंच गई।

प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार तेजी
रिपोर्ट के मुताबिक, इन शहरों में दिल्लीएनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता शामिल हैं। मुंबई क्षेत्र में मुंबई सिटी, उपनगर, ठाणे और नवी मुंबई आते हैं, जबकि दिल्लीएनसीआर में दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोहना शामिल हैं। इस रिपोर्ट में केवल अपार्टमेंट्स को शामिल किया गया है, जबकि रोहाउस, विला और प्लॉटेड डेवलपमेंट्स को बाहर रखा गया है। जेएलएल का कहना है कि 2026 की पहली तिमाही में रिहायशी प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार तेजी बनी रही, जो मजबूत मांग, बढ़ती लागत और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर झुकाव को दर्शाती है। हालांकि, निर्माण और ऑपरेशनल लागत के दबाव के चलते कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी जारी रह सकती है, लेकिन इसकी रफ्तार कुछ धीमी रह सकती है।
ट्रांजिशन फेज से गुजर रहा हाउसिंग मार्केट
सेगमेंट के हिसाब से देखें तो 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले फ्लैट्स की बिक्री में 24 फीसदी की गिरावट आई और यह 20,269 यूनिट रह गई। वहीं, 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले अपार्टमेंट्स की मांग मजबूत रही, जहां बिक्री 30 फीसदी बढ़कर 50,362 यूनिट पहुंच गई। शिवा कृष्णन के अनुसार, हाउसिंग मार्केट फिलहाल एक ट्रांजिशन फेज से गुजर रहा है, जहां सप्लाई मजबूत है लेकिन खरीदार आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते सोचसमझकर फैसले ले रहे हैं। वहीं, करिश्मा सिंह ने कहा कि होमबायर्स अब उन डेवलपर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनका ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत रहा है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसके चलते बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स की बाजार हिस्सेदारी में इजाफा हो रहा है और वे अलगअलग प्राइस रेंज में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं।





