राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सोना लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोर हुआ और 2,840 रुपये टूटकर 1,50,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इससे पहले गुरुवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,53,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था.

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और निवेशकों की बदली रणनीति की वजह से सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. इससे घरेलू बाजार में भी सोना लगातार सस्ता हो रहा है.
चांदी में आई बड़ी गिरावट
सोने के साथसाथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली. शुक्रवार को चांदी 8,040 रुपये लुढ़ककर 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. यह पिछले दो महीने से अधिक समय का निचला स्तर है.
पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,48,740 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. इससे पहले 7 अप्रैल को भी चांदी करीब 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर चुकी थी.
डॉलर की मजबूती बनी मुख्य वजह
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं. इससे सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ी है.
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है. इसके अलावा यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं, जिससे सोने की मांग प्रभावित हो रही है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है. हाजिर सोने की कीमत 60.70 डॉलर यानी 1.44 फीसदी गिरकर 4,148.45 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. वहीं चांदी 1.51 फीसदी टूटकर 64.73 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी.
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकाईरान शांति समझौते के अगले चरण को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है. फिलहाल निवेशक वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी मौद्रिक नीति पर नजर बनाए हुए हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में सोनेचांदी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है.



