
Why is Calling Someone Donkey Is Offensive: कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो हमारी रोज की बोलचाल में शामिल हो जाते हैं और हम उसे अपमान या सम्मान का जरिया बना लेते हैं. जैसे एक शब्द है ‘गधा’. हम अक्सर किसी को भी मूर्ख या बेवकूफ कहने के लिए उसे ‘गधा’ बोल देते हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि गधा सच में उतना बेवकूफ या कमजोर है जितना हम समझते हैं? आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस गधे को हम हल्के में लेते हैं, वह अपनी समझदारी, धैर्य और सतर्कता के लिए जाना जाता है. ध्यान से देखा जाए तो समस्या गधे में नहीं बल्कि हमारी सोच में हैं. हमारी सोच ने गधे की एक गलत छवि बना रखी है.
आमतौर पर माना जाता है कि गधे बेवकूफ और जिद्दी होते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. गधा एक समझदार और हालात को समझने वाला मेहनती जानवर है. दरसल, गधे जिद्दी नहीं होते हैं, बल्कि वे बिना सोचे समझे किसी बात को नहीं मानते हैं. जैसे घोड़ा एक बार के कहने पर ही चल पड़ता है, वैसे गधा बात नहीं मानता, बल्कि सिचुएशन को परखता है. यदि उसको रास्ते में खतरा महसूस होता है या उस पर जरूरत से ज्यादा बोझ डाल दिया जाता है, तो वो आगे बढ़ने से इनकार कर देता है. ये कोई गधे की जिद नहीं है, बल्कि अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की समझदारी है.
सिचुएशन को परखते हैं गधे
कुछ लोगों का मानना है कि गधे सुस्त होते हैं. दरअसल, ये घोड़ों की तरह तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते, बल्कि स्थिति को परखते हैं और उसे समझने की कोशिश करते हैं. ये सुस्त नहीं होते, बल्कि सोच समझकर कदम उठाने वाले होते हैं. आम धारणा ये है कि गधे मूर्ख होते हैं, जबकि उनकी याददाश्त बहुत तेज होती है ये वर्षों पुराने रास्ते और साथियों को पहचान सकते हैं. लेकिन जो सम्मान घोड़ों को मिला वो गधों को कभी नहीं मिल पाया. राजा-महाराजाओं के समय भी महलों में घोड़े पाले जाते थे और उनको राजशाही, ताकत और शान से जोड़कर देखा जाता था. जबकि गधे को मेहनत करने वाले कामों में लगाया गया.
गधे की छवि बिगड़ी
इतिहास से लेकर लोककथाओं और कहानियों में गधे को हमेशा भेला, सीधा, जिद्दी, अकडू, मूर्ख और कमजोर जानवर के रूम में दिखाया गया. जिसका इस्तेमाल सिर्फ बोझा ढोने में किया जा सकता है. इससे इंसानों के बीच गधे को लेकर मूर्ख वाली धारणा इतनी मजबूत होती चली गई कि अगर किसी शख्स को मूर्ख कहना हो तो हम ‘गधा’ शब्द का इस्तेमाल करने लगे.
ये कमजोरी नहीं, खासियत है
जिसे हम गधी की जिद या सुस्ती समझते हैं वो उसकी खासियत है. जहां खतरा महसूस होते ही बाकी जानवर भाग खड़े होते हैं, वहीं गधा वहीं खड़ा रहता है और खतरे का आकलन करता है. ये खतरे को भांपने में माहिर होते हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इनकी सतर्कता ही उनकी खासियत है.





