ईरान-अमेरिका में फिर धमकीबाजी हो गई शुरु, होर्मुज स्ट्रेट से वापस लौटे 21 जहाज!


नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर की डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी फिर से बढ़ने लगी है। फिलहाल होर्मुज खुलने की घोषणा के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी ने होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे जहाजों के लिए कुछ शर्तें तय की हैं। एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया है कि सभी तरह के आवागमन के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी से अनुमति लेना जरूरी है।

नागरिक जहाजों को केवल ईरान द्वारा तय किए गए रास्ते से गुजरने की अनुमति है, जबकि सैन्य जहाजों के वहां से गुजरने पर अभी भी रोक है। अगर इजाजत नहीं ली जाती है तो इसे फिर से बंद कर दिया जाएगा। ईरान की ‘नई व्यवस्था’ आईआरजीसी नेवी ने इन शर्तों को एक ‘नई व्यवस्था’ बताया और कहा कि यह सीजफायर समझौते की शर्तों अनरूप है। हालांकि, इस बयान में उन विवरणों का जिक्र है जिन्हें अराघची ने तब स्पष्ट नहीं किया था, जब उन्होंने यह घोषणा की थी कि संघर्ष-विराम के दौरान सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग पूरी तरह से खुला है।

अराघची ने क्या कहा था? उन्होंने कहा था, “लेबनान में संघर्ष-विराम के अनुरूप होर्मुज स्ट्रेट से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का मार्ग, संघर्ष-विराम की शेष अवधि के लिए पूरी तरह से खुला घोषित किया जाता है। यह उस समन्वित मार्ग पर होगा जिसकी घोषणा इस्लामिक गणराज्य ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले ही की जा चुकी है।” इससे पहले, ईरान के कई सरकारी मीडिया संस्थानों ने अराघची की घोषणा का विरोध किया था। तस्नीम ने उनकी पोस्ट की आलोचना करते हुए उसे “त्रुटिपूर्ण और अधूरा” बताया और चेतावनी दी कि इस पोस्ट ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के संबंध में अनावश्यक अस्पष्टता पैदा कर दी है। ट्रंप ने भी की पुष्टि इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि भी की कि होर्मुज स्ट्रेट “पूरी तरह से खुला” है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ट्रंप ने लिखा, “ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि ईरान का जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और पूरी तरह से आवाजाही के लिए तैयार है।

‘एक घंटे में सात दावे, सभी झूठे’

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। एक ओर दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी ओर बयानबाजी ने हालात को और अधिक गरमा दिया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक घंटे में सात दावे किए, जिनमें से सातों झूठे थे। हालांकि गालिबाफ ने यह साफ नहीं किया कि वे किन बयानों की बात कर रहे थे। ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने पर मजबूर हो सकता है।

जहाजों की आवाजाही केवल तय रूट से होगी
गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (एक्स) पर लिखा कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही केवल तय रूट और ईरानी अनुमति के आधार पर ही होगी। उन्होंने साफ कहा कि नाकाबंदी जारी रही तो जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।

ईरान को लेकर ट्रंप के 7 बड़े दावे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। उनके अनुसार ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और इसे कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक दोनों देशों के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ रविवार से बातचीत आगे बढ़ेगी और इसका उद्देश्य स्थायी सीजफायर की दिशा में ठोस कदम उठाना होगा। उनके मुताबिक ईरान समुद्री रास्तों से हटाई गई माइन हटाने में अमेरिका की मदद कर रहा है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका को सौंप देगा और अपने परमाणु कार्यक्रम को अनिश्चित समय के लिए रोकने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान मिलकर ईरान के न्यूक्लियर साइट्स से यूरेनियम हटाने पर काम करेंगे।

अमेरिका की रुख: नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी
यह बयान उस समय आया है जब कुछ ही घंटों पहले ईरान ने घोषणा की थी कि युद्धविराम की अवधि के दौरान सभी व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह खुला रहेगा। ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा था कि यह व्यवस्था केवल पहले से तय मार्गों के आधार पर लागू होगी। हालांकि, इसके तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक समझौता नहीं होता, तब तक ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि बातचीत में आई बाधाओं को जल्द सुलझा लिया जाएगा।

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