
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में युवा वकील की मौत के मामले ने सनसनी मचा दी है। युवा वकील ने कोर्ट की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। घटना के बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। वकील ने अपने पिता के नाम लिखे पत्र में कहा है, ‘पापा आपको जीत मुबारक, मै हार गया। आप मेरे शव को हाथ मत लगाना।’ घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर न्यायिक अधिकारियों के साथ जिला जज भी पहुंचे। पुलिस ने वकील को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आत्महत्या से करीब 15 मिनट पहले युवा वकील ने फेसबुक के स्टेटस पर दो पेज का सुसाइड नोट पोस्ट किया। इसमें बच्चों पर होने वाली सख्ती के उनके मन पर असर का जिक्र किया गया है।
कानपुर के युवा वकील के सुसाइड नोट को सोशल मीडिया पर देखने के बाद पिता डांट भी लगाई, लेकिन उनकी जान नहीं बचा सके। सुसाइड नोट में वकील ने पिता पर बेइज्जत करने का आरोप लगाया है। कानपुर के बर्रा आठ वरुण विहार निवासी वकील राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव का 23 वर्षीय बेटा प्रियांशु श्रीवास्तव भी कचहरी में पिता के साथ वकालत करता था। प्रियांशु ने पिछले साल डीसी लॉ कॉलेज से लॉ की डिग्री ली ली थी। गुरुवार दोपहर प्रियांशु कोर्ट भवन की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी।
सुसाइड नोट में क्या है?
युवा वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने सुसाइड नोट में अपने पिता पर कई आरोप लगाए हैं। उसने लिखा कि उसकी उम्र 23 वर्ष 11 माह 7 दिन है। 23 अप्रैल समय दोपहर 12:05 बजे वह अपने पूरे होशो हवास में बिना किसी जोर-दबाव एवं जबरदस्ती के सुसाइड नोट लिखकर अपनी जान दे रहा हूं। खुद को रजिस्टर्ड वकील बताते हुए प्रियांशु ने लिखा कि मुझे करीब 5 या 6 वर्ष की उम्र में मानसिक यातनाएं मिलनी शुरू हो गई थीं। बताने में बहुत शर्म महसूस हो रही है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। करीब 6 वर्ष की उम्र में फ्रिज में रखे आम के जूस को पीने के कारण मुझे निर्वस्त्र करके घर से बाहर भगा दिया गया।
प्रियांशु ने सुसाइड नोट में लिखा है कि माना कि हर मां-बाप को शुरू से ही सख्त रवैया अपनाना चाहिए, ताकि उनके बच्चों का भविष्य संवर सके। लेकिन, इतनी भी सख्ती न हो कि बच्चों को हर पल घुटन महसूस होने लगे। परीक्षा से एक दिन पहले अगर सिलेबस पूरा तैयार नहीं है तो मारने लग जाना। हर समय हर मिनट शक की नजरों से देखना, जरूरत से ज्यादा एक-एक मिनट का हिसाब लेना। कहीं न कहीं ये मानसिक टॉर्चर ही है। इस टॉर्चर के साथ मैं ज्यादा समय तक और नहीं जी सकता हूं।
प्रियांशु की मौत मामले में दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। पहली नजर में सुसाइड नोट में पारीवारिक परेशानी का जिक्र मिला है। मृतक ने अपने पिता पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आत्महत्या के कारणों की जांच पुलिस कर रही है। पिता की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कचहरी में मचा हड़कंप
प्रियांशु ने गुरुवार दोपहहर 12:05 बजे दो पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसके तीन घंटे बाद उसने जान दे दी। इस आत्मघाती कदम के ठीक 15 मिनट पहले उसने सुसाइड नोट को अपने आईडी के स्टेटस पर लगाया। सुसाइड को देखते ही उसे जानने वाले वकीलों में हड़कंप मच गया। कई साथियों ने कॉल कर उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रियांशु को वे इस आत्मघाती कदम को उठाने से रोक नहीं पाए। वकील के दोस्तों का कहना है कि मुलाकात के दौरान बातचीत में कभी ऐस नहीं लगा कि वह इस प्रकार की मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहा है।





