
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही ठप होने पर अटक चुका है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रोजाना वाली अनेकों धमकियां हैं, तो दूसरी तरफ ईरानी नेवी और उसके सुरक्षा बलों का डायरेक्ट एक्शन। ऐसे में भारतीय नौ सेना के प्रमुख की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ‘प्राइमरी एरिया’ ऑफ इंटरेस्ट के तौर पर जिक्र करने के मायने काफी बदल जाते हैं।
पिछले एक-दो दिनों से ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को सीज करने और उसपर फायरिंग करने की कई घटनाएं सामने आई हैं। कुछ वीडियो भी देखे जा रहे हैं, जिसमें ईरानी नेवी और रिवॉल्युशनरी गार्ड के जवान छोटे-छोटे गनबोट से पीछा करके बड़े-बड़े जहाजों को कब्जे में कर रहे हैं। इन्हीं सबके बीच इंडियन नेवी ने अपनी समुद्री सुरक्षा रणनीति (maritime security strategy) सार्वजनिक की है, जिसमें होर्मुज को काफी प्राथमिकता दी गई है।
इंडियन नेवी का ‘प्राइमरी एरिया’ ऑफ इंटरेस्ट
इंडियन नेवी चीफ एडमिरल डीके त्रिपाठी ने हाल ही में भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति जारी की है। इस रणनीति में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले होर्मुज स्ट्रेट को भारतीय नौ सेना के लिए दुनिया के अन्य महत्वपूर्ण चोक प्वाइंट में से ‘प्राइमरी एरिया’ ऑफ इंटरेस्ट बताया गया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। मतलब, भारतीय नौ सेना होर्मुज में होने वाली हर रणनीतिक और जियोपॉलिटिकल गतिविधियों को लेकर पूरी तरह से सतर्क है।
दो भारतीय जहाजों को फायरिंग के बाद लौटाया
पिछले शनिवार (18 अप्रैल,2026) को होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने की कोशिश के दौरान दो भारतीय जहाजों को ईरानी सुरक्षा बलों ने फायरिंग करके आगाह किया था, जिसके बाद उन्हें वापस फारस की खाड़ी में लौटना पड़ा।
विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई सूचना के अनुसार उसके बाद से कोई भी भारतीय जहाज वहां से नहीं निकल पाया है।
फारस की खाड़ी में 14 भारतीय जहाज मौजूद
फारस की खाड़ी में अभी भी 13 भारतीय और 1 भारतीय स्वामित्व वाला अन्य देश के झंडे वाले जहाज फंसे हुए हैं।
भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौ सेना के 7 जहाज होर्मुज के आसपास लंगर डालकर खड़े हैं।
अभी तक ईरान की सहमति से 10 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं।
इन सभी भारतीय जहाजों को इंडियन नेवी के जहाज ही एस्कॉर्ट करके भारतीय समुद्री सीमा तक लेकर आए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी सुरक्षा बलों की बढ़ी सख्ती
बुधवार (22 अप्रैल,2026) को ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दो विदेशी जहाजों को जबरन अपने कब्जे में ले लिया था।
इनमें से एक जहाज पर एक भारतीय नाविक भी सवार है, जिसे सुरक्षित बताया गया है।
लेकिन, यूफोरिया नाम के एक और जहाज पर ईरान की ओर से फायरिंग की जानकारी है, जिसपर 21 भारतीय क्रू के होने की रिपोर्ट है।
जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार आईआरजीसी ने तीन जहाजों पर फायरिंग की, जिसमें 22 भारतीय नाविक सवार थे। इन सभी को सुरक्षित बताया गया है।
हिंद महासागर में समुद्री चोक प्वाइंट पर नेवी की नजर
होर्मुज स्ट्रेट के अलावा हिंद महासागर में कई ऐसे समुद्री चोक प्वाइंट हैं, जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। हिंद महासागर के ये अहम चोक प्वाइंट हैं-
होर्मुज जलडमरूमध्य
केप ऑप गुड होप
मोजाम्बिक चैनल
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य
स्वेज कैनाल
मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य
सुंडा जलडमरूमध्य
लोम्बोक जलडमरूमध्य
ओम्बई जलडमरूमध्य
वेटर जलडमरूमध्य





