मार्केट में मिलने वाला पपीता दिखने में भले ही पीला और पका हुआ दिखाई दे, लेकिन कई बार उसे जल्दी पकाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में आप बाजार से कच्चा पपीता खरीदकर घर पर ही प्राकृतिक तरीके से पका सकते हैं। गांव के लोग पपीते को पकाने के लिए कई पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। आइए जानते हैं 3 आसान तरीकों के बारे में।

पहला तरीका
इसके लिए कच्चे पपीते को एक साफ और सूखे अखबार में अच्छे से लपेट लें। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पपीते को ऐसे लपेटें कि वह पूरी तरह ढका हो और बाहर की हवा अंदर बिल्कुल भी न जाए। इसके बाद इसे कमरे के सामान्य तापमान पर किसी सूखी और हवादार जगह पर 23 दिनों के लिए रख दें। अखबार में लपेटने से पपीते के अंदर बनने वाली प्राकृतिक गैस यानी एथिलीन बाहर निकलने के बजाए उसी के आसपास बनी रहती है और फल को धीरेधीरे समान रूप से पकने में मदद करती है।
दूसरा तरीका
इसके अलावा पपीते को चावल के डिब्बे में दबाकर रखने का तरीका भी काफी पुराना और असरदार माना जाता है। इसके लिए कच्चे पपीते को चावल से भरे डिब्बे या कंटेनर के बीच में रख दें। पपीते को ऐसे रखें कि वह चावल में पूरी तरह ढक जाए। चावल के अंदर हल्की गर्माहट बनी रहती है और बाहर की हवा का असर भी कम होता है। ऐसे में जब इस बंद डिब्बे में पपीता प्राकृतिक एथिलीन गैस छोड़ता है तो वह अंदर ही रह जाती है, जो उसे पकाने का काम करती है। डिब्बे के अंदर 23 दिनों में पपीता पक सकता है।
तीसरा तरीका
आज भी लोग गांवदेहात में पपीते को प्राकृतिक रूप से पकाने के लिए घासफूस का इस्तेमाल किया जाता है। यह काफी पुराना नुस्खा है। पपीते को कॉटन के कपड़े में लपेट दें। इसके बाद एक लकड़ी का डिब्बा या कोई गहरा कंटेनर लें और उसमें नीचे की तरफ सूखी घासफूस या भूसा बिछा दें। अब पपीते को इस घास के बीच में रखकर ऊपर से भी अच्छी तरह घासफूस और कुछ पुराने कागज से ढक दें, ताकि वह पूरी तरह कवर हो जाए। इस तरह बंद और हल्का गर्म वातावरण पपीते को पकाने का काम करता है। इसमें 23 दिनों में पपीता पक सकता है।
इन आसान घरेलू तरीकों की मदद से आप पपीते को प्राकृतिक तरीके से पका सकते हैं, जो न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं।





