अमेरिका और इजरायल ने मिलकर इस साल 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। 28 फरवरी के बाद से 4 अप्रैल तक कच्चे तेल की कीमतों में 65 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके अलावा, एल्युमिनियम का भाव भी काफी ऊपर पहुंच चुका है। एल्युमिनियम के अलावा, कुछ अन्य धातु जैसे कॉपर और जिंक की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद ईरान ने अपने नियंत्रण वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से पूरी दुनिया में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई ठप हो गई। जिसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतें 7वें आसमान पर पहुंच गईं।

65 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं कच्चे तेल की कीमतें
केडिया एडवायजरी के फाउंडर और डायरेक्टर अजय केडिया ने को बताया कि 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले के बाद से कच्चे तेल की कीमतें 65.09 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को कच्चे तेल की कीमत 6092 रुपये प्रति बैरल थी, जो 4 मई को 10,057 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गई। बताते चलें कि अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जबरदस्त जवाबी हमले किए। ईरान ने इजरायल के कई अहम शहरों में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।
ईरान ने बंद कर दिया था स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
इसके अलावा, ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित कई अमेरिकी ठिकानों पर भी मिसाइलें और ड्रोन दागे। इसके बाद पूरे मिडिलईस्ट में तनाव बढ़ गया। इसी बीच, ईरान ने अपने नियंत्रण वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से पूरी दुनिया में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई ठप हो गई।
एल्युमिनियम की कीमतों में भी जोरदार तेजी
अजय केडिया ने बताया कि इस दौरान एल्युमिनियम की कीमतें 18.61 प्रतिशत बढ़कर 312.80 रुपये से 371 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गईं। हालांकि, कॉपर 4.45 प्रतिशत और जिंक 4.81 प्रतिशत बढ़कर क्रमश: 1222.35 रुपये से 1276.75 रुपये और 326.55 रुपये से 342.25 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए।




