रुपया रिकॉर्ड लो पर क्यों? कच्चे तेल की आग और डॉलर की भूख ने कैसे बिगाड़ी तस्वीर

Dollar vs Rupee : मंगलवार सुबह शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.40 तक गिर गया. ये पिछले सेशन के अपने अब तक के सबसे खराब लेवल 95.23 से 17 पैसे की और गिरावट दर्शाता है. इससे पहले सोमवार को रुपया 39 पैसे टूटकर 95.23 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. रुपये में यह कमजोरी ऐसे समय आई है जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ रही है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते वित्तीय बाजारों पर दबाव बना हुआ है. वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है. इससे महंगाई और आर्थिक विकास पर असर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

रुपया रिकॉर्ड लो पर क्यों? कच्चे तेल की आग और डॉलर की भूख ने कैसे बिगाड़ी तस्वीर

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर
सोमवार को इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 94.95 पर खुला था. लेकिन, दिनभर दबाव में रहा और अंत में 95.23 पर बंद हुआ. शेयर बाजार में भी इसका असर देखने को मिला. दलाल स्ट्रीट पर शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई है. सुबह 9:40 बजे तक BSE सेंसेक्स 179.28 अंक यानी 0.23% गिरकर 77,090.12 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, एनएसई निफ्टी50 भी 63.85 अंक यानी 0.26% टूटकर 24,036.95 पर पहुंच गया.

क्यों बढ़ रहा है अर्थव्यवस्था पर दबाव
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा कि डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में जारी तेजी और विदेशी फंड की निकासी से भारत के व्यापार संतुलन और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है. आने वाले समय में डॉलर की मांग मजबूत रहने की संभावना है. इससे रुपया और कमजोर होकर 95.35 से 95.70 के स्तर तक जा सकता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को 2,835.62 करोड़ रुपये के नेट खरीदार रहे.

कमोडिटी बाजार की बात करें तो कच्चे तेल की कीमतें 5 मई को करीब 113 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहीं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ताजा हमलों के कारण अमेरिकाईरान युद्धविराम की स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इससे तेल की कीमतों में उछाल बना हुआ है.

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