17 मई से अधिकमास शुरू, भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, लंबे समय तक भुगतना पड़ेंगे बुरे नतीजे

Purushottam Maas me kya na karen: सनातन धर्म में अधिकमास को बहुत पवित्र माना गया है. चूंकि इस महीने के स्‍वामी भगवान विष्‍णु हैं, इसलिए उनके ही नाम पर इसे पुरुषोत्‍तम मास कहते हैं. इस पवित्र महीने में वो गलतियां न करें, जो भगवान विष्‍णु को नाराज करती हों. 2026 में अधिकमास 17 मई से 15 जून तक रहेगा.

17 मई से अधिकमास शुरू, भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, लंबे समय तक भुगतना पड़ेंगे बुरे नतीजे

अधिकमास में क्‍या करें?
इस पवित्र महीने में रोजाना भगवान विष्‍णु की पूजा करने, भगवान विष्‍णु के मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप, शाम को तुलसी के पास दीपक जलाने, गरीबों को दान देने के लिए कहा गया है.

दरअसल, अधिकमास में किए गए पुण्‍य कार्यों का कई गुना फल मिलता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। सौभाग्‍य और धनसमृद्धि बढ़ती है. परेशानियां दूर होती हैं.

अधिकमास में न करें ये काम
अधिकमास या पुरुषोत्‍तम मास में ऐसे कोई काम न करें, जो भगवान विष्‍णु को नाराज कर दें. जानिए अधिकमास में कौनसे काम नहीं करने चाहिए.

तामसिक चीजों का सेवन अधिकमास पवित्र महीना है, इसमें शराबनॉनवेज किसी भी तरह की तामसिक चीजों का सेवन न करें. इस पूरे महीने केवल सात्विक भोजन ही करें. साथ ही अच्‍छा आचरण करें. वरना जीवन में दुर्भाग्‍य और नकारात्‍मकता बढ़ेगी.

क्रोध पुरुषोत्‍तम महीना शुभ विचारों वाला और जीवन में सकारात्‍मकता लाने वाला है. इस महीने में क्रोध करके, किसी का अपमान करके नकारात्‍मक ऊर्जा न बढ़ाएं.

मांगलिक कार्य अधिकमास में मांगलिक काम वर्जित हैं. इसे मलमास भी कहते हैं, जिसमें शादी, सगाई, नए कार्य की शुरुआत, मुंडन, जनेऊ संस्‍कार आदि नहीं किए जाते हैं. वरना इन शुभ कामों का अशुभ फल मिलता है. वैवाहिक जीवन में समस्‍या, आर्थिक हानि, कामों में बाधाएं आती हैं. पुरुषोत्‍तम मास में नया घर, नई गाड़ी आदि खरीदने से भी बचना चाहिए.

दान न करना पुरुषोत्‍तम मास में अपनी समार्थ्‍य अनुसार दान जरूर करें. किसी को खाली हाथ न लौटाएं. किसी का पैसा हड़पना, धोखेबाजी करना आपको बड़ा नुकसान दे सकता है.

व्रत का उद्यापन पुरुषोत्‍तम मास में न तो व्रत उठाया जाता है और न उद्यापन किया जाता है. इस महीने से किसी नए व्रत की शुरुआत न करें.

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