भारत के सामने UAE-ईरान लड़ पड़े, BRICS की बैठक में हो गया बड़ा लफड़ा​

भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और मौजूदा समय में भारत के अंदर ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाई गई जिसमें हिस्सा लेने के लिए सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री भारत पहुंचे हैं। लेकिन विदेश मंत्रियों की इस बैठक में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सबको हैरान कर दिया। जहां पर भारत के सामने ही ईरान और यूएई के प्रतिनिधि आपस में भिड़ गए। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हमलों को लेकर दोनों देशों के बीच ऐसी तीखी बहस हुई कि बैठक का माहौल पूरी तरीके से गमा गया। दरअसल ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान यूएई की तरफ से ईरान पर पड़ोसी देशों और ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने के आरोप लगाए गए। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यूएई के प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि ईरान इलाके में अस्थिरता बढ़ा रहा है और उसके कदम पूरे गल्फ इलाके की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं। लेकिन इसके बाद ईरान ने भी बेहद आक्रामक अंदाज में जवाब दिया।

भारत के सामने UAE-ईरान लड़ पड़े, BRICS की बैठक में हो गया बड़ा लफड़ा​
भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट साझा किया। जिसमें उन्होंने इस मुलाकात के दौरान उनके यानी ईरान के डिपुटी फॉरेन मिनिस्टर डॉक्टर काजिम गरीबादी के इस बैठक में दिए गए जवाब को साझा किया गया है। जिसमें उन्होंने यूएई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान ने साझा किए बयान में बताया कि यूएई खुद अमेरिका और उसके सहयोगियों की मदद कर रहा है और उसकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कारही के लिए किया गया। ईरान ने यहां तक दावा किया कि यूएई सिर्फ सहयोगी नहीं बल्कि अग्रेसर यानी हमले में शामिल देश है। ईरान के प्रतिनिधि ने कहा कि जब उनके देश पर हमले हो रहे थे तब यूएई ने हमलावर देशों को सुविधाएं दी। इसलिए ईरान को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। ईरान ने दावा किया कि उसने यूएई में मौजूद सभी उन ठिकानों को निशाना बनाया जहां पर अमेरिका की भूमिका थी।
ईरान ने इसे आत्मरक्षा का अधिकार बताया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ईरान ने कहा कि उसके पास यूएई से उड़ान भरने वाले हर सैन्य विमान का रिकॉर्ड मौजूद है। ईरान का दावा है कि उसने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को 120 से ज्यादा आधिकारिक दस्तावेज और 500 पन्नों का सबूत भी सौंपा है। ईरान ने यह भी कहा है कि उनसे हमले शुरू होने से पहले ही यूएई समेत खाड़ी देशों को चेतावनी दी गई थी। अगर उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जाएगा तो जवाबी कारवाई होगी।

लेकिन यूएई ने इन चेताविनियों को नजरअंदाज किया। ऐसा ईरान का कहना है। बैठक में दोनों देशों के बीच आरोप और प्रत्यारोप इस हद तक बढ़ गए कि ब्रिक्स देशों के लिए साझा बयान जारी करना मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक रूस को भी बीच में आकर माहौल संभालना पड़ा ताकि बैठक पूरी तरीके से विवाद में ना बदल जाए। वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है जो कि अब सिर्फ एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रहा है बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों पर भी देखने को मिल रहा है और भारत की मेजबानी में हुई इस बैठक में ऐसा टकराव देखना गंभीर विषय हो सकता है। ईरान और यूएई दोनों ही भारत के साथ अच्छे संबंध रखते हैं और भारत भी लगातार इस संघर्ष की शुरुआत से ही बातचीत की पैरवी करता आ रहा है। फिलहाल भारत के भीतर चल रहे ब्रिक्स के मंच पर दोनों की आपसी भिड़ंत देखने को मिली है।

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