WHO ने इबोला वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी बताया, क्या दुनियाभर में बढ़ेंगे इस वायरस के मामले?​

दुनियाभर में हंतावायरस का खतरा मंडरा रहा है. इस बीच इबोला वायरस ने भी चिंता बढ़ा दी है. World Health Organization ने इबोला वायरस को ग्लोबल हेल्थ इंमरजेंसी घोषित कर दिया है. इस वायरस से अफ्रीका में 80 से अधिक मौतें हो चुकी हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इबोला क्या है इसको ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी क्यों घोषित किया गया है. क्या आने वाले दिनों में इसके मामले बढ़ेंगे. इस बारे में जानते हैं.

WHO ने इबोला वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी बताया, क्या दुनियाभर में बढ़ेंगे इस वायरस के मामले?​

एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर काफी ज्यादा मानी जाती है. यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के तरल पदार्थ या संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से फैलता है. अफ्रीकी देशों में इसके मामले पहले भी आते रहे हैं, लेकिन बीते कुछ महीनों में करीब 300 केस आने के बाद और 80 से अधिक मौतों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसको ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है.

ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी क्यों घोषित किया गया है?

इस बारे में महामारी विशेषज्ञ डॉ. जुगल किशोर बताते हैं कि अफ्रीका के युगांडा में ये वायरस तेजी से फैल रहा है. ऐसे में अन्य इलाकों में भी इसके फैलने की आशंका है. ऐसे में दुनिया के सभी देशों को इस वायरस को लेकर अलर्ट होने की जरूरत है. यही कारण है कि इसको ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, अगर समय रहते संक्रमित मरीजों को आइसोलेट नहीं किया गया तो संक्रमण दूसरे देशों तक पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है. अंतरराष्ट्रीय यात्रा और सीमाओं के बीच बढ़ती आवाजाही भी चिंता की बड़ी वजह मानी जा रही है.

क्या ये कोरोना वायरस जितना खतरनाक है?

डॉ किशोर बताते हैं कि ये वायरस कोरोना की तरह हवा के जरिए या सांस के जरिए नहीं फैलता है. इसके लिए संक्रमित व्यक्ति का नजदीकी संपर्क जरूरी है. ऐसे में इसके मामले कोरोना जैसे बढ़ने की आशंका नहीं है, लेकिन इस वायरस में मृत्यु दर कोविड से अधिक है. इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है.हालांकि अभी घबराने वाली बात नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है. एयरपोर्ट स्क्रीनिंग, संक्रमित देशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी जैसे कदम उठाना बेहतर होगा.

क्या आने वाले दिनों में बढ़ेंगे इबोला वायरस के केस?

डॉ. किशोर के मुताबिक, अभी अफ्रीका में केस बढ़ रहे हैं, हो सकता है कुछ और मामले भी सामने आएं, लेकिन ऐसा नहीं है कि केस बहुत बढ़ेंगे, लेकिन फिलहाल जरूरी है कि सभी देश WHO गाइडलाइंस का पालन करें.

इबोला के लक्षण क्या हैं

गले में खराश

तेज बुखार

सिर दर्द

कमजोरी

मांसपेशियों में दर्द

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