मार्केट में कई ब्रांड के सीरम मौजूद हैं जो आपकी त्वचा को चमकाने से लेकर स्किन प्रॉब्लम से निजात दिलाने का वादा करते हैं. हालांकि इनमें केमिकल होते हैं जो कई बार स्किन को सूट नहीं करते हैं. आयुर्वेद में जड़ीबूटियों से कुछ ऐसे तेल बनाए जाते हैं जो आपकी त्वचा की एक नहीं बल्कि कई समस्याओं का इलाज हैं. ये पिगमेंटेशन कम करने से लेकर पुराने एक्ने तक से निजात दिला सकते हैं. इसी के साथ अनइवन टोन से भी निजात मिलती है. तो चलिए जान लेते हैं ऐसे ही तीन आयुर्वेदिक तेलों के बारे में जो आपके चेहरे पर एक नई चमक लेकर आएंगे.

त्वचा हो या सेहत…हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि खानपान से लेकर बाकी के इनग्रेडिएंट्स भी ज्यादा से ज्यादा नेचुरल हो. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। केमिकल वाली चीजें भले ही तेजी से असर दिखाती हैं, लेकिन इसके साइड इफेक्ट भी हो सकता है. स्किन सीरम में भी जो तत्व होते हैं वो कई बार हार्श भी हो सकते हैं. वहीं आयुर्वेदिक चीजें बेहतरीन रिजल्ट देती हैं और साइड इफेक्ट का डर भी नहीं रहता है. तो चलिए जान लेते हैं स्किन को चमकाने वाले 3 आयुर्वेदिक तेल कौन से हैं.
कुमकुमादि तैलम
आयुर्वेदिक ऑयल कुमकुमादि तैलम को केसर, चंदन, मंजिष्ठा जैसी जड़ीबूटियों का मिश्रण होता है. कुमकुमादि तैलम डार्क स्पॉट कम करेगा और नेचुरल ग्लो भी बूस्ट होगा. इसके अलावा ये स्किन टोन को भी सुधारता है. उम्र के निशान जैसे फाइन लाइन कम होती हैं.
ये तेल लगाने का तरीका
कुमकुमादि तैलम आप अपनी स्किन को क्लीन करने के बाद रोजाना रात में 34 बूंदे पूरे फेस और गर्दन पर अप्लाई करें. ऊपर की तरफ सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से 1 मिनट मसाज करें और फिर सो जाएं. अगर स्किन ज्यादा ऑयली हो तो आप इसे 1 से 2 घंटे बाद साफ भी कर सकते हैं. पैच टेस्ट कर लें. दिन में लगाने से बचें और सीमित मात्रा में ही यूज करें.
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नालपामरादी तैलम
ये तेल डीटैन का काम करता है, इसलिए अगर टैनिंग की समस्या ज्यादा रहती है तो इसे त्वचा पर अप्लाई करें. नालपामरादी तैलम स्किन टैन हटाने के अलावा डल स्किन को ब्राइट करता है. अनइवन कॉम्प्लेक्शन को करेक्ट करता है यानी त्वचा की रंगत को एक समान करेगा. इसे आप बॉडी ग्लो के लिए भी यूज कर सकते हैं और इससे स्किन टेक्सचर में भी सुधार आता है और नेचुरल ग्लो को बढ़ाता है.
कैसे लगाएं ये तेल?
नालपामरादी तैलम एक प्री बाथ ऑयल है. इसे आप नहाने से पहले अपने चेहरे से लेकर पूरे शरीर पर लगा सकते हैं. इससे मसाज करें और कम से कम 30 मिनट के बाद नहाएं. ध्यान रखें कि हर्बल साबुन या फिर किसी माइल्ड क्लींजर का यूज करें. इस तेल को अलगअलग पेड़ों की छाल, हल्दी, चंदन, त्रिफला जैसी जड़ीबूटियों से तैयार करते हैं.
एलादि तैलम
ये आयुर्वेदिक एक्ने शील्ड है जो एक्ने, मुंहासे को कम करने के साथ ही स्किन की बाकी की प्रॉब्लम जैसे एक्जिमा, चकत्ते, स्किन की इरिटेशन को शांत करता है. ये त्वचा को डिटॉक्सीफाई करता है. रूखी और सेंसिटिव स्किन को भी सूदिंग इफेक्ट देता है. ये आपके स्किन बैरियर को मजबूत बनाता है, जिससे उम्र संबंधी लक्षणों जैसे झुर्रियों, फाइन लाइन से बचाने का काम करता है. ये त्वचा को डिटॉक्सीफाई करता है, जिससे स्किन चमकदार और हेल्दी बनती है.
तेल लगाने का तरीका
इस तेल में तिल और कोकोनट ऑयल का बेस होता है साथ ही जायफल, इलायची, केसर, हिमालयन देवदार सहित तकरीबन 18 जड़ीबूटियों का ब्लेंड होता है. इसे आप रात में भी लगा सकते हैं और नहाने से पहले ही त्वचा पर अप्लाई किया जा सकता है. 45 बंदे लेकर ऊपर की तरफ को सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से मसाज करें. अगर डार्क सर्कल है तो 12 बूंद लेकर आंखों के नीचे लगाएं और 30 मिनट के बाद क्लीन कर लें.





