First Aid Procedure: वर्तमान समय में बदलती लाइफ स्टाइल का सबसे बुरा प्रभाव हम सब की सेहत पर पड़ा है। इसलिए जरूरी है बदलते समय के साथ खुद को थोड़ा अपडेट रखना। घर में अचानक तबीयत बिगड़ जाने पर फर्स्ट एड और डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह की मदद से किसी की जान बचाई जा सकती है।

ऐसी अवस्था में ज्यादातर लोग घबराने लगते हैं। डॉक्टर्स बताते हैं कि ऐसी परिस्थिति में शुरुआत के कुछ मिनट भर का ही वक्त होता है। ऐसे में पैनिक होने की बजाए मरीज को चेक करें, मरीज होश में है या नहीं, सांस ले रहा है या नहीं और कहीं ज्यादा खून तो नहीं बह रहा। इस शुरूआती जांच की मदद से आगे विचार करने में मदद मिलेगी। इसलिए इस तरह की आपातकालीन स्थिति के लिए खुद को तैयार रखें। जरूरी नहीं कि इसकी आवश्यकता केवल आपको हों बल्कि दूसरों की सहायता के लिए भी हमें तैयार रहना चाहिए।
इमरजेंसी में कॉल कर बुलाएं एंबुलेंस
मरीज की स्थिति का पता चलते ही सबसे पहले इमरजेंसी में कॉल करें और एंबुलेंस बुलाएं। भारत में 112 व 108 नंबर पर इमरजेंसी उपलब्ध है। हालांकि हर राज्य में अलग है। आपको वो नंबर पता होना चाहिए। फोन करके मरीज की स्थिति का स्पष्ट विवरण दें, जैसे मरीज की स्थिति व लोकेशन आदि। इसके बाद आप अपनी समझ के अनुसार, एंबुलेंस आने तक प्राथमिक उपचार दें।
सांसों की गति जांचने के बाद क्या करें
यदि कोई इंसान बेसुध पड़ा है, तो उसके कंधे पर धीरे से हाथ रखकर पूछें कि वो कैसा महसूस कर रहा है। जवाब न मिलें, तो ऐसे में उसकी सांसें चेक करें। अगर सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना, हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ में दर्द, मतली जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे जल्द से जल्द अस्पताल लें जाएं। यदि सांस की गति धीमी है, तो उसे तुरंत सीपीआर देने की सलाह दी जाती है।
क्या होता है CPR
अगर कोई व्यक्ति बेहोश हो जाता है और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो शुरू करें। इसके लिए छाती के बीच में बल और गति का प्रयोग करते हुए जोर से दबाव बनाएं। हर मिनट 100 से 120 बार दबाव डालें। जब तक कोई स्वास्थ्य सहायता न पहुंचे, तब तक इसे जारी रखें। यह तकनीक सभी को सीखनी चाहिए। आप चाहें तो डॉक्टर से मिलकर भी इस तरीके को सीख सकते हैं।
गले में कुछ फंसने पर क्या करें
खाते वक्त यदि में कुछ फंस जाए, तो पीठ में पांच बार थपथपाना चाहिए। यह स्थिति इतनी भयावह है कि सांस रूक जाती है और इंसान कुछ भी बोल पाने में असमर्थ होता है। यदि पीठ पर मारने से भी बात न बने, तो पेट पर दबाव बनाने से फंसी हुई खाद्य सामग्री बाहर निकल जाती है। अगर इस प्रक्रिया में व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो उसे सीपीआर देना चाहिए।
अधिक खून निकलने पर कैसे करें फर्स्ट एड हेल्प
यदि किसी रोड एक्सीडेंट या सड़क हादसे में किसी का बहुत ज्यादा खून बह रहा हो, तो देरी जानलेवा हो सकती है। ऐसे में साफ कपड़ा या पट्टी लेकर घाव पर जोर से दबाव डालें, जिससे और खून न निकले। इसके बावजूद भी अगर खून बहता है, तो उस कपड़े के ऊपर दूसरा कपड़ा रखें। ऐसा करने से खून का बहाव कम हो सकता है। डॉक्टर या एम्बुलेंस के आने तक दबाव बनाए रखें।





