
Meerut Murder Case Update: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एकतरफा प्रेम और शादी से पहले हुई एक युवती और उसके पिता की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आरोपी सागर को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया. सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आरोपी ने सिर्फ युवती ही नहीं, बल्कि उसके पिता की भी हत्या कर दी और उसका भाई भी घायल हुआ.
कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने टिप्पणी करते हुए कहा- ‘हे भगवान! तुमने अपनी गर्लफ्रेंड को मार दिया, उसके पिता को भी मार दिया और उसका भाई भी घायल हो गया. तुम तो बड़े दुस्साहसी निकले. क्या तुमने अजय देवगन की बिहार वाली फिल्म नहीं देखी?’
बहन का पीछा करता था सागर
गौरतलब है कि जून 2020 में युवती के भाई ने मेरठ में एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि सागर उसकी बहन का पीछा करता था और उससे एकतरफा प्रेम करता था. युवती की शादी किसी दूसरे युवक से तय होने के बाद आरोपी नाराज था. शादी से दो दिन पहले सागर अपने कुछ साथियों के साथ उसके घर पहुंचा और वहां अंधाधुंध फायरिंग कर दी.
इस दौरान गोली लगने से दुल्हन बनने जा रही युवती और उसके पिता की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए. घटना के बाद पुलिस ने सागर को गिरफ्तार कर लिया था. आरोपी सागर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अभिषेक राणा ने दलील दी कि घटना के समय सागर की उम्र केवल 18 साल थी और वह तब से लगातार जेल में बंद है.
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मुकदमे के दौरान जिरह में युवती के भाई ने कहा था कि वह घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था, जबकि वही इस मामले का शिकायतकर्ता है. कथित प्रत्यक्षदर्शी की गवाही साबित नहीं हो सकी है और राज्य सरकार को अभी 43 गवाहों की जांच करनी बाकी है.
आरोपी ने यह तर्क भी दिया कि शिकायतकर्ता अपने पहले के बयान से पीछे हट गया है, जिससे एफआईआर की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट इन दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ और याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.
बता दें कि इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट सागर की जमानत याचिका खारिज कर चुका है, जबकि इस हमले में शामिल बताए गए अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है.





