
Kisan Mitra Chhadi: खेती से जुड़े काम करते समय किसानों को कीड़े-मकोडे, सांप और जहरीले जीवों से खतरा रहता है. कई बार सांपने काटने से मौत भी हो जाती है. इसी समस्या से निपटने और किसान की सुरक्षा के लिए किसान मित्र छड़ी बनाई गई है. इसके सेंसर 100 मीटर दूर तक बैठे सांप और जहरीले जीवों के होने पर अलर्ट देता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जानें इसकी कीमत और फायदे-
Kisan Mitra Chhadi: हमारे किसान खेतों में दिन-रात पसीना बहाते हैं ताकि हमारे घर तक अनाज, सब्जी-दाल पहुंच सके. लेकिन रात के वक्त, कड़कड़ाती ठंड और मूसलाधार बारिश में किसानों का डटे रहना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. ऐसी स्थिति में में सांप, बिच्छू और तमाम ऐसे जहरीले जीवों के काटने का खतरा बना रहता है. हर साल न जाने कितने किसान सांप-बिच्छू के डर में रहते हैं. इससे जान का जोखिम भी बना रहता है. किसानों की इसी चिंता दूर करने के लिए किसान मित्र छड़ी बनाई गई है, जिसे खेत में लगाते ही किसान के 100 मीटर के दायरे में सांप-बिच्छू और खतरनाक जीवों के होने का पता चल जाएगा. जानें कैसे ये हमारे किसान भाईयों के लिए लाइफ सेविंग प्रोडक्ट है-
कैसे काम करती है किसान मित्र छड़ी?
किसान मित्र छड़ी को किसानों का भरोसेमंद बॉडीगार्ड भी कह सकते हैं, जो जमीन में लगाते ही एक्टीवेट हो जाता है. एडवांस सेंसर से लैस से छड़ी दिन के उजाले और रात के अंधेरे में सांप आदि के होने पर वाइब्रेशन अलर्ट देती है.
इस किसान मित्र छड़ी में सोलर तकनीक से लैस टॉर्च भी लगाई गई है, जो सूरज की रोशनी में चार्ज होती है. सबसे अच्छी बात ये है कि इस डिवाइस को चार्ज करने के लिए बैटरी या चार्जर का झंझट भी नहीं रहता. ये छड़ी हाथ में हो तो किसानों के लिए दुर्गम अंधेरे रास्ते में आसान और रौशनदार हो जा सकते हैं. वहीं जमीन में बजने वाला जोरजार वाइब्रेशन अलार्म सांपों को भी दूर रखता है.
कहां से खरीदें और कितनी कीमत है?
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि देश में हर साल 30 लाख से 40 लाख लोगों के साथ सांप और जहरीले जीवों के काटने की घटना हो जाती है, जिसमें 50,000 के करीब अपनी जान गंवा देते हैं. किसानों के केस में तो सिंचाई, कटाई, निराई-गुड़ाई के वक्त सांप, बिच्छू आदि के काटने की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं, इसलिए जल्द से जल्द किसानों को किसान मित्र छड़ी उपलब्ध कराने की बात चल रही है. इसे आने वाले समय में किसान सुविधा केंद्र, एग्री सपोर्ट नेटवर्क या कृषि विज्ञान केंद्रों से खरीदा सकेगा.




