दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंचने में लगेंगे सिर्फ 6 घंटे, अश्विनी वैष्णव ने नए बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की दी जानकारी​

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार के रूप में दिल्लीसिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन रूट की घोषणा की। अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कोलकाता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के लिए बुलेट ट्रेन का संकल्प लिया है। इसके तहत, देश की राजधानी दिल्ली को बुलेट ट्रेन के माध्यम से सिलीगुड़ी के साथ जोड़ा जाएगा। रेल मंत्री ने बताया कि दिल्लीसिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी पहुंचेगी।

दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंचने में लगेंगे सिर्फ 6 घंटे, अश्विनी वैष्णव ने नए बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की दी जानकारी​

सिर्फ 6 घंटे में पूरी होगी 1500 किमी लंबी यात्रा

रेल मंत्री ने कोलकाता में स्थित सचिवालय में कहा कि बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा सिर्फ 6 घंटे में पूरी हो जाएगी। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। दिल्ली से सिलीगुड़ी की दूरी लगभग 1500 किमी है। हालांकि, उन्होंने इस प्रोजेक्ट को लेकर और कोई जानकारी नहीं दी कि दिल्लीसिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट कब शुरू होगा, कब तक पूरा होगा और कहांकहां स्टेशन बनाए जाएंगे। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि अश्विनी वैष्णव द्वारा की गई घोषणा के बाद जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है।

कोलकाता मेट्रो को बनाया जाएगा आधुनिक

आज राज्य सचिवालय में हुई मीटिंग में केंद्रीय रेल मंत्री ने अगले 45 सालों में कोलकाता मेट्रो नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए नई जनरेशन के 60 रेक लाने की घोषणा की। उन्होंने कोलकाता मेट्रो के तेजी से हो रहे विस्तार पर जोर देते हुए बताया कि पिछले 40 सालों में जहां पूरे कोलकाता में सिर्फ 27 किलोमीटर लाइनें जोड़ी गई थीं, वहीं पिछले 11 सालों में 45 किलोमीटर लाइनें जोड़ी गई हैं।

पश्चिम बंगाल को रिकॉर्ड ₹14,205 करोड़ का रेलवे बजट आवंटन

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिम बंगाल को ₹14,205 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटन दिया गया है, जिससे यात्री और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि UPA सरकार के समय, तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल में रेलवे को सिर्फ 4,000 करोड़ रुपये मिलते थे।

डानकुनी से सूरत तक डेवलप होगा ईस्टवेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर

इसके साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल के डानकुनी से गुजरात के सूरत तक प्रस्तावित ईस्टवेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि 2052 किलोमीटर लंबा ये रूट भारत के पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक केंद्रों के बीच लॉजिस्टिक्स और व्यापार की क्षमता को बहुत ज्यादा बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।

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