वन्यजीवों के प्रति इंसानी नजरिए में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञ आदिल मिर्जा ने बताया कि लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण अब सांप दिखने पर उसे तुरंत नुकसान पहुंचाने या मार देने की प्रवृत्ति कम हुई है। लोग अब सतर्कता दिखाते हुए तुरंत रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दे रहे हैं। इस बदलते व्यवहार से देश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को एक नया और मजबूत बढ़ावा मिल रहा है।

इस जागरूकता के केंद्र में अक्सर ‘इंडियन रैट स्नेक’ भी आता है, जिसे लेकर समाज में कई गलतफहमियां रही हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। आपको बता दें कि इंडियन रैट स्नेक एक पूरी तरह से गैरविषैला और बेहद फुर्तीला सांप होता है। यह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं है।
यह सांप मुख्य रूप से चूहों, मेंढकों और खेतों की फसलों को बर्बाद करने वाले अन्य छोटे जीवों को अपना शिकार बनाता है। यही वजह है कि इसे ‘किसानों का मित्र’ भी कहा जाता है। खेतों में रहकर यह फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने वाले चूहों की आबादी को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए इस जीव का बचना बेहद जरूरी है।





