कार के अंदर छूट गई चाबी और लग गया ऑटो-लॉक, जानिए बरेली में कैसे बची दरोगा की लाडली की जिंदगी​

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर कस्बे में एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने लोगों की धड़कनें बढ़ा दीं. कुछ मिनटों की लापरवाही के चलते एक मासूम बच्ची कार के अंदर बंद हो गई और करीब 40 मिनट तक उसे बाहर निकालने के लिए जद्दोजहद चलती रही. गनीमत ये रही कि समय रहते कार का लॉक खुल गया और बच्ची सुरक्षित बाहर आ गई. इसके बाद परिवार के साथसाथ मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली.

कार के अंदर छूट गई चाबी और लग गया ऑटो-लॉक, जानिए बरेली में कैसे बची दरोगा की लाडली की जिंदगी​

दरअसल, पूरी घटना फरीदपुर स्टेशन रोड स्थित पूर्वी चुंगी के पास की है. फरीदपुर कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर सौरभ कुमार सिवाच अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ बाजार में खरीदारी करने पहुंचे थे. उन्होंने कार सड़क किनारे खड़ी की और कुछ सामान लेने के लिए पत्नी के साथ दुकान की ओर चले गए. इस दौरान उनकी छोटी बेटी कार में ही बैठी रही.

बताया जाता है कि जल्दबाजी में कार की चाबी अंदर ही रह गई. कुछ ही देर में कार का लॉक लग गया और सभी दरवाजे बंद हो गए. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जब दंपति खरीदारी कर वापस लौटे तो उन्होंने कार को बंद पाया. अंदर उनकी बेटी अकेली बैठी हुई थी. यह नजारा देखते ही मातापिता के चेहरे का रंग उड़ गया.

मौके पर जुटी भीड़, बच्ची को देखकर बढ़ी चिंता

कार के अंदर बंद बच्ची शुरुआत में सामान्य नजर आ रही थी और सीट पर बैठकर खेल रही थी, लेकिन बाहर खड़े परिजनों और लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी. गर्म मौसम और बंद कार को देखते हुए किसी भी अनहोनी की आशंका से लोग परेशान हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई. हर कोई बच्ची को जल्द से जल्द बाहर निकालने की कोशिश में जुट गया. कुछ लोगों ने कार का लॉक खोलने के अलगअलग तरीके आजमाए, लेकिन सफलता नहीं मिली.

मैकेनिक की मेहनत रंग लाई, सुरक्षित बाहर आई बच्ची

करीब 40 मिनट तक चले प्रयासों के बाद एक मैकेनिक को मौके पर बुलाया गया. उसने काफी मशक्कत के बाद कार का लॉक खोलने में सफलता हासिल की. जैसे ही कार का दरवाजा खुला, वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली. बेटी को सुरक्षित देखकर उसकी मां तुरंत उसे गोद में उठाकर सीने से लगा लिया. पिता के चेहरे पर भी सुकून साफ दिखाई दे रहा था. आसपास खड़े लोगों ने भी खुशी जताई कि समय रहते बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया.

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