उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिला अस्पताल में वरिष्ठ महिला चिकित्सक और एक युवती के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और उसके बाद सामने आए डॉक्टर के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. एक ओर युवती ने डॉक्टर पर मरीजों के साथ दुर्व्यवहार और इलाज से इनकार करने का आरोप लगाया है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ चिकित्सक ने इसे सरकारी व्यवस्था को बदनाम करने और सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने की सोचीसमझी साजिश बताया है.

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल की ओपीडी15 में तैनात त्वचा रोग विभाग की इंचार्ज वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आबिदा खातून ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. डॉक्टर का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे नाजिश और जुनैरा नाम की दो युवतियां अपनी मां के साथ उनके कक्ष में पहुंचीं.
उन्होंने अस्पताल के निर्धारित नियमों के अनुसार पर्चा बनवाते समय न तो पूरा पता दर्ज कराया और न ही कोई पहचान पत्र या मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया. डॉक्टर के मुताबिक काउंटर पर स्टाफ से बहस करने के बाद दोनों युवतियां जबरन ओपीडी में घुस आईं और विरोध करने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकियां दीं.
सरकारी काम में डाली गई बाधा
डॉ. आबिदा का कहना है कि इस दौरान पूरी प्लानिंग के साथ सरकारी काम में बाधा डालते हुए मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ वायरल कर दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि मात्र 17 साल की लड़की ने इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के लिए इस विवाद को जन्म दिया है, जिस अकाउंट पर पहले महज 71 फॉलोअर्स थे, उस पर सोचीसमझी प्लानिंग के तहत डाले गए इस वीडियो को आधे घंटे के भीतर 21 हजार से ज्यादा व्यूज मिल गए है.
वायरल वीडियो पर डाॅक्टर पर कार्रवाई की मांग
वहीं वायरल वीडियो में युवती ने दावा किया है कि जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ मरीजों के साथ गलत व्यवहार करती हैं और उन्होंने इलाज करने से इनकार कर दिया. वीडियो में युवती ने प्रशासन से डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग भी की है.
डाॅक्टर ने लगाई सुरक्षा की गुहार
डॉ. आबिदा ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि जिला अस्पताल में रोजाना 150 से अधिक मरीज आते हैं और बेहतर इलाज मिलने के कारण ही यहां भीड़ बढ़ती जा रही है.
ऐसे में किसी भी असामाजिक तत्व को सरकारी अस्पताल की व्यवस्था को ठप करने की इजाजत नहीं दी जा सकती, उन्होंने साफ किया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों की सारी हरकतें और फार्मेसी की लाइन में खड़ा होना रिकॉर्ड है.
डॉक्टर की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में नामजद शिकायत दर्ज कर ली गई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.





