Kalsarp Yog: कालसर्प योग को ज्योतिष शास्त्र के घातक योगों में से एक माना जाता है। इस योग के साथ पैदा हुए लोगों के जीवन में उतारचढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। यह योग तब बनता है जब कुंडली के 7 मुख्य ग्रह राहुकेतु के बीच फंस जाते हैं। ऐसी ही स्थिति 9 से 23 जून के बीच भी बनेगी। चंद्रमा जब मीन से निकलकर कुंभ में जाएंगे तो सिंह में बैठे केतु और कुंभ में बैठे राहु के बीज सभी ग्रह आ जाएंगे। ऐसे में कालसर्प योग के प्रभाव से कुछ राशियों को जीवन में उतारचढ़ावों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जान लेते हैं इन राशियों के बारे में और साथ ही जानेंगे क्या उपाय इनको इस दौरान करने चाहिए।

वृषभ राशि
कालसर्प योग का आपके करियर पर बुरा प्रभाव देखने को मिल सकता है। अचानक से कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां आपके प्रतिकूल हो सकती हैं या फिर काम का बोझ बढ़ सकता है। इस दौरान काम पर फोकस बनाए रखेंगे तो आपके लिए अच्छा रहेगा। सहकर्मियों के साथ आपको वार्तालाप भी सोचसमझकर करना होगा। धन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का रिस्क उठाना आपके लिए भारी पड़ सकता है। उपाय के तौर पर आपको दूध, दही आदि सफेद चीजों का दान करना चाहिए।
सिंह राशि
केतु आपकी राशि में इस समय विराजमान हैं वहीं राहु आपके सातवें भाव में इसलिए सिंह राशि के जातकों को वैवाहिक जीवन में संभलकर रहना होगा। छोटीछोटी बातों पर बहसबाजी करने से बचेंगे तो अच्छा रहेगा। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कारोबार करने वाले इस राशि के जातकों को कड़ी मेहनत के बाद ही सफलता मिलेगी, किसी अच्छी डील के टूटने से आप आहत हो सकते हैं। नौकरी में परिवर्तन करने का विचार बना रहे हैं तो किसी अनुभवी से सलाह अवश्य ले लें। यात्राओं के दौरान आपको अपने सामान की सुरक्षा करनी होगी। उपाय के तौर पर आपको भगवान शिव के मंत्रों का जप करने चाहिए।
वृश्चिक राशि
आपके करियर और प्रेम जीवन पर कालसर्प योग का बुरा असर देखने को मिल सकता है आपके जीवन में उथलपुथल मच सकती है। कुछ लोगों को न चाहते हुए भी अनचाही जगह पर तबादला मिलने की आशंका है। लव पार्टनर पर बेवजह का शक दूरियों का कारण बनेगा, आपको उनकी कोई बात चुभ रही है तो खुलकर बात करें। पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाने के आपको प्रयास करने होंगे। गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की भी आपको सलाह दी जाती है। जो लोग 50 की उम्र पार कर चुके हैं उन्हें स्वास्थ्य का ख्याल रखना होगा। उपाय के तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ करें।




