शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जनपद से धर्मांतरण का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इलाके में भारी सियासी और सामाजिक गरमाहट पैदा कर दी है। सदर कोतवाली क्षेत्र के काजीवाड़ा इलाके में करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति हड़पने के इरादे से एक हिंदू युवक का जबरन इस्लाम में धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक की पत्नी और उसके ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पूरा मामला करोड़पति पिता के 30 वर्षीय बेटे आयुष मलिक से जुड़ा है। आयुष और चांदनी नामक युवती के बीच कई सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। चांदनी पेशे से एक जिम ट्रेनर रही है, जहां इन दोनों की मुलाकात हुई थी। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। करीब डेढ़ साल पहले दोनों ने घर से भागकर दिल्ली में निकाह कर लिया था, जिसके बाद आयुष मलिक ने अपना धर्म बदलकर नया नाम ‘रहमान’ रख लिया। आयुष के पिता का आरोप है कि यह निकाह और धर्मांतरण उनकी करोड़ों की प्रापर्टी पर कब्जा करने की नीयत से एक सोचीसमझी साजिश के तहत कराया गया है। पिता के अनुसार, लड़की का पिता इस्लाम एक दंगाई किस्म का व्यक्ति है जिसने उनके बेटे को जाल में फंसाया।
इस मामले में मोड़ तब आया जब मुजफ्फरनगर के एक हिंदूवादी नेता ने पुलिस में हस्तक्षेप कर धरनाप्रदर्शन की धमकी दी। इसके बाद आयुष के पिता की तहरीर पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, चांदनी ने निकाह की एवज में आयुष का धर्म परिवर्तन कराया था। इस मामले में चांदनी और उसके पिता इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि निकाह कराने वाले 3 उलेमाओं सहित 10 अन्य आरोपियों पर केस दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। वहीं, बिना राजकीय अनुमति के धर्म बदलने वाले आयुष के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है।





