दुनिया की इकोनॉमिक लाइफलाइन माने जाने वाला होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है. इस बार यसे अपडेट ईरान से नहीं बल्कि मॉस्को से आया है. जहां पर ईरान के राजदूत बैठे हैं. मॉस्को में ईरानी राजदूत एक बड़ा बसान सामने आया है. सोमवार को मॉस्को में ईरान के राजदूत के हवाले से कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा, लेकिन ईरान और ओमान द्वारा तय की गई नई शर्तों के तहत, जिसमें ट्रांजिट फीस भी शामिल होगी. ईरान के खिलाफ अमेरिकाइजराइल वॉर ने इस स्ट्रेट से तेल की आवाजाही को काफी हद तक रोक दिया है. संघर्ष से पहले दुनिया का 5वां हिस्सा तेल यहीं से गुजरता था. हाल ही में कई टैंकर खाड़ी से निकलने में कामयाब रहे हैं, लेकिन तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही अभी भी बुरी तरह बाधित है.

ईरानी राजदूत का ऐलान
राजदूत काजेम जलाली ने सोमवार को रूसी अखबार ‘इजवेस्टिया’ में छपे एक इंटरव्यू में कहा कि बेशक, यह स्ट्रेट खुला रहेगा, लेकिन ईरानी और ओमान के अधिकारियों द्वारा तय की जाने वाली नई शर्तों के साथ. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उन्होंने बिना ज्यादा विस्तार से बताए कहा कि हम समझते हैं कि ईरान और ओमान इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ सेवाएं देते हैं. और उन सेवाओं के लिए फीस ली जाएगी. ईरान का कहना है कि एक स्थाई शांति समझौते के तहत उसे स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से फीस लेने की अनुमति मिलनी चाहिए. यह फीस जहाज के प्रकार, उसमें लदे सामान और मौजूदा हालात के आधार पर अलगअलग हो सकती है.
अमेरिका का विरोध
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस रुख का जोरदार विरोध करते हैं. मई के आखिर में, अमेरिका ने ओमान को चेतावनी दी थी कि वह ईरान के साथ मिलकर टोल लगाने की किसी भी कोशिश में शामिल न हो. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि ओमान के राजदूत ने उन्हें बताया था कि ऐसा कोई टोल लगाने की योजना नहीं है. सोमवार को इजराइल ने कहा कि उसने पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जबकि खबरों के मुताबिक ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से और हमले न करने को कहा था. जापान, जो वॉर से पहले अपनी तेल की जरूरतों का लगभग 95 फीसदी मिडिल ईस्ट से इंपोर्ट करता था, ने कहा कि मई में जापान से जुड़े कच्चे तेल के एक टैंकर के इस जलमार्ग से गुजरने के बाद उसने कोई फीस नहीं दी.
कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा
वहीं दूसरी ओर इजरायल की ओर से लेबनान पर अटैक करने बार कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. आंकड़ों के अनुसार अमेरिकी और खाड़ी देशों के कच्चे तेल की कीमतों में चार फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है. अमेरिकी कच्चे तेल के दाम 4.11 फीसदी की तेजी के साथ 94.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. जबकि खाड़ी देशों का कच्चा तेल 4.25 फीसदी की तेजी के साथ 97.05 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में भी ऐसी ही स्थिति बनी रहती है तो कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर जाएंगी.





