
अयोध्या के भव्य राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर छिड़ा विवाद अब एक बड़े सियासी तूफान में बदल चुका है। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक ऐसा चौंकाने वाला बयान दिया है, जिसने पूरी सियासत में खलबली मचा दी है। बृजभूषण शरण सिंह ने सीधे तौर पर कहा है कि इस पूरे मामले के पीछे बहुत बड़े और रसूखदार लोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि वह इस वक्त पूरी सच्चाई देश के सामने रख देंगे, तो खुद एक बेहद बड़ी मुसीबत और परेशानी में घिर जाएंगे।
डर की वजह से चुप हैं बृजभूषण शरण सिंह!
पूर्व सांसद ने मीडिया से बातचीत में खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि फिलहाल वह इस संवेदनशील विषय पर इससे ज्यादा कुछ नहीं बोलना चाहते हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि सही समय आने पर वह पूरे मामले का सच सबके सामने लाकर रखेंगे।
इस पूरे मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मैं अगर अभी सच बोल दूंगा, तो बहुत गहरी चोट लगेगी। इसके साथ ही मैं खुद एक नए विवाद में बुरी तरह फंस जाऊंगा, क्योंकि जिनके ऊपर आरोप लग रहे हैं, वो बहुत ज्यादा पावरफुल लोग हैं। यही वजह है कि मैं इस समय डर के मारे सच नहीं बोल रहा हूं। मैं सिर्फ और सिर्फ डर की वजह से अभी सच नहीं बोल सकता। उनके इस बयान के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार बेहद गर्म हो गया है।
आखिर क्या है यह पूरा चढ़ावा विवाद?
आपको याद दिला दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के एक गंभीर आरोप के बाद हुई थी। अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर से करोड़ों रुपये का चढ़ावा रहस्यमयी तरीके से गायब होने का एक बेहद सनसनीखेज आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने बीते रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था कि समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए यह एक बेहद संवेदनशील और दुखद समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों रुपये की रकम गायब पाई गई है। सपा प्रमुख ने इस मामले में माननीय न्यायालय से स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने की पुरजोर मांग की है, क्योंकि उनका कहना है कि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में अटूट और गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया दावों का खंडन
अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तुरंत सामने आकर अपनी स्थिति साफ की है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर इन सभी दावों का पूरी तरह से खंडन किया है। चंपत राय ने स्पष्ट शब्दों में बताया कि मंदिर में इस समय एक रूटीन इंटरनल ऑडिट (आंतरिक ऑडिट) का काम चल रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के लोग पूरी पारदर्शिता के साथ साझा रूप से यह काम करते हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर इस तरह का आंतरिक ऑडिट होना एक सामान्य प्रक्रिया है। इस जरूरी कार्य में ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी हमेशा सम्मिलित रहते हैं। चूंकि यह ऑडिट का कार्य काफी बड़ा होता है, इसलिए इसे पूरा होने में कई दिनों का समय लगता है। वही रूटीन कार्य आजकल मंदिर परिसर में किया जा रहा है। चंपत राय ने साफ किया कि इस ऑडिट में अभी तक कोई भी गड़बड़ी या उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है, इसलिए चोरी के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।





