Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिसकर्मी पर युवक के साथ मारपीट, कार में तोड़फोड़ और पैसे छीनकर फेंकने का गंभीर आरोप लगा है. मामला थाना नाका में तैनात एसआई गोपेश शर्मा से जुड़ा बताया जा रहा है. पीड़ित राहुल त्रिवेदी ने आरोपों से जुड़ा एक वीडियो खुद बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है. वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. हालांकि, एसआई पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी.

पीड़ित राहुल त्रिवेदी का आरोप है कि एसआई गोपेश शर्मा नशे की हालत में थे और उन्होंने उसके साथ मारपीट की. राहुल के मुताबिक, घटना के दौरान उसकी कार को भी क्षतिग्रस्त किया गया. उसने आरोप लगाया कि एसआई ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ की.

मारपीट करने के बाद छीन लिए पैसे

राहुल त्रिवेदी ने यह भी दावा किया है कि घटना के दौरान उसके पास मौजूद करीब 15 हजार रुपये छीन लिए गए और बाद में पैसे फेंक दिए गए. पीड़ित ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों से इसकी निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो पीड़ित द्वारा रिकॉर्ड किए जाने की बात कही जा रही है, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. वायरल वीडियो में कथित रूप से आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल सुनाई देता है. ऐसे में वीडियो के सभी हिस्सों और उसमें दिख रही परिस्थितियों की जांच जरूरी मानी जा रही है.

एसआई ने क्यों की मारपीट?

मामला सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और युवक तथा एसआई के बीच विवाद की शुरुआत कैसे हुई. क्या एसआई वास्तव में नशे की हालत में थे, युवक के साथ मारपीट की गई या कार को नुकसान पहुंचाया गया, इन सभी आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल पीड़ित राहुल त्रिवेदी ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है. दूसरी ओर, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों को लेकर पुलिस स्तर पर जांच की जरूरत है. जांच के दौरान वीडियो की सत्यता, घटना का समय, स्थान और अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है.

थाना नाका में तैनात एसआई गोपेश शर्मा पर लगे ये आरोप सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बने हुए हैं. हालांकि, इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के नतीजों का इंतजार जरूरी होगा. पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि राहुल त्रिवेदी द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है.