Prayagraj Underground Cable: यूपी के प्रयागराज शहर को भले ही सात वर्ष से स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त हो चुका है लेकिन यहां सड़कों के किनारे तारों का जाल आज भी बिछा हुआ है। जो प्रयागराज के स्मार्ट सिटी नाम पर कई सवाल खड़े करता है। प्रयागराज में प्रमुख चौराहों और मकानों के आसपास लटकते हुए जर्जर तार से हादसे का खतरा बना रहता है।

यहां बारिश के दौरान आए दिन शॉर्ट सर्किट से बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है। स्ट्रीट लाइट भी बुझना आम बात है। लेकिन लोगों को सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही यहां बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी। साथ ही मार्ग प्रकाश के लिए नगर निगम सड़कों के किनारे लटकते तारों का भी बेहतर इंतजाम की योजना बना रहा है।
लटकते तारों को अंडर ग्राउंड करने की योजना
बताया जा रहा है कि शहर में अब बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए और मार्ग प्रकाश के लिए नगर निगम सड़कों के किनारे लटकते तारों को अंडर ग्राउंड किया जाएगा। जिसकी तैयार जोर शोर से चल रही है।
बता दें कि 14 मीटर की चौड़ाई वाली सभी सड़कों के किनारे केबल को अंडर ग्राउंड किया जाएगा और पहले फेज में में 10 सड़कों के किनारे लटकते तारों को भूमिगत किया जाएगा। जिसमें कुल आठ से 10 करोड़ रुपये की खर्च की आएगा।
योजना के तहत प्रयागराज के इन क्षेत्रों को किया गया शामिल
प्रयागराज शहर के राजापुर, अशोक नगर, शिवकुटी, सलोरी, करेली, कटरा, मम्फोर्डगंज, तेलियरगंज क्षेत्रों की सड़कों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। प्रयागराज नगर निगम विद्युत यांत्रिक विभाग द्वारा जल्द ही सड़कों की सूची तैयार की जाएगी।
के मुख्य अभियंता डॉ. संजय कटियार ने कहा कि आने वाले दिनों कई सड़कों के किनारे तारों को अंडर ग्राउंड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि सड़क के किनारे तारों के जाल से जल्द राहत मिले जिससे लोगों के आवागमन ज्यादा सुविधाजनक होगी।



