Amavasya 2026 Panchak Effect: पंचक + अमावस्या का खतरनाक संयोग, भूलकर भी न करें ये 7 काम!


Amavasya Kab hai: अमावस्‍या तिथि पितरों की पूजा, आत्मिक शुद्धि के लिए बहुत खास होती है. इस दिन स्‍नान-दान करने से पुण्‍य लाभ मिलता है. लेकिन इस बार वैशाख अमावस्‍या पर पंचक का साया रहेगा, जिससे इसका प्रभाव और बढ़ गया है, साथ ही संवेदनशील हो गया है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यदि इस दौरान कुछ गलतियां कीं तो यह जीवन में परेशानी, अशांति और बाधाओं को बढ़ा सकती हैं.

17 अप्रैल 2026 को वैशाख अमावस्‍या है. वहीं13 अप्रैल 2026 की तड़के सुबह से शुरू हो चुके पंचक 17 अप्रैल की दोपहर 12:02 बजे समाप्‍त होंगे. ऐसे में अमावस्‍या का स्‍नान-दान और पितृ कर्म पंचक के साए में होंगे. जानिए कौन-से काम करने से बचना जरूरी है और जीवन में सुख-समृद्धि पाने के लिए क्‍या करें.

भूलकर भी न करें ये काम
1. शुभ कार्य की शुरुआत- अमावस्‍या का दिन और पंचक के 5 दिन में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए. ना ही इस दौरान मांगलिक कार्य जैसे- गृहप्रवेश, शादी पक्‍की करना, रोका करना, मुंडन-जनेऊ आदि न करें.

2. दक्षिण दिशा की यात्रा – पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए. अमावस्‍या का दिन भी है तो इससे जरूर बचें.

3. लकड़ी का सामान न खरीदें- पंचक में किसी भी तरह का ज्‍वलनशील सामान लकड़ी, ईंधन नहीं खरीदना चाहिए.

4. शैय्या-पलंग न लें – पंचक में बिस्‍तर, पलंग आदि खरीदना मृत्‍यु समान कष्‍ट देता है. इससे बचें.

5. घर की छत डलवाना – घर के निर्माण की शुरुआत पंचक में न करें, न ही घर की छत पंचक में डलवाएं. वरना घर में हमेशा नकारात्‍मकता रहती है. तरक्‍की में बाधाएं आती हैं.

6. सुनसान जगह न जाएं – अमावस्‍या की रात को नकारात्‍मक शक्तियां ज्‍यादा सक्रिय रहती हैं. साथ ही पंचक भी हैं तो इस दिन सुनसान जगह पर जाने से बचें.

7. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बुजुर्गों का अपमान – वैसे तो कभी पितरों और बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए, लेकिन अमावस्‍या के दिन ये गलती करना बहुत भारी पड़ सकता है.

अमावस्‍या के दिन जरूर करें ये उपाय
पितरों के निमित्‍त तर्पण, दान-पुण्‍य करें.
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं.
बाधाओं और नकारात्‍मकता से बचने के लिए गंगाजल छिड़कें.

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