आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही मानते हैं कि हमारी सेहत का रास्ता हमारे गट यानी पेट से होकर गुजरता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप ‘हेल्दी नाश्ता’ समझकर रोज़ खा रहे हैं, वही आपके पाचन तंत्र को सुस्त बना रहा है? खराब डाइट ना सिर्फ गैस और एसिडिटी का कारण बनती है, बल्कि यह इम्युनिटी और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेकफास्ट दिन का सबसे अहम मील होता है क्योंकि रात भर की फास्टिंग के बाद शरीर न्यूट्रिएंट्स को सबसे बेहतर तरीके से अब्जॉर्ब करता है। अगर सुबह गलत चीजें खाई जाएं तो इससे शुगर स्पाइक, इंसुलिन रेजिस्टेंस, गट इंफ्लेमेशन और स्लो मेटाबॉलिज्म जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, वसंत कुंज, नई दिल्ली में डॉ. शुभम वात्स्य ने बताया सुबह का नाश्ता करना हम सभी के लिए जरूरी होता है। करीब 1012 घंटे की फास्टिंग के बाद सुबह शरीर का मेटाबॉलिज्म ज्यादा एक्टिव होता है। इस समय डाइजेस्टिव एंजाइम्स बेहतर तरीके से काम करते हैं और शरीर पोषक तत्वों को तेजी से अवशोषित करता है। इसलिए सुबह का नाश्ता केवल पेट भरने के लिए नहीं बल्कि गट हेल्थ, हार्मोन बैलेंस और एनर्जी के लिए भी बेहद जरूरी माना जाता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि सुबह के नाश्ता में कौन से फूड्स का सेवन नहीं करना चाहिए और किन फूड्स से परहेज करना चाहिए ताकि गट हेल्थ दुरुस्त रहे।
हेल्दी ब्रेकफास्ट क्यों है जरूरी
हेल्दी ब्रेकफास्ट का सेवन आपके पाचन को दुरूस्त करता है,गैस एसिडिटी और ब्लोटिंग से बचाव करता है। सुबह के नाश्ते में हेल्दी फूड्स का सेवन आपकी बॉडी में एनर्जी के स्तर को बनाए रखता है। हेल्दी खाने से बारबार भूख नहीं लगती और गट माइक्रोबायोम बेहतर होते हैं। हेल्दी नाश्ते का सेवन मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है।
ये हैं सबसे खराब ब्रेकफास्ट हैबिट्स
खाली पेट चाय और बिस्कुट नहीं खाएं
चाय में मौजूद कैफीन खाली पेट एसिडिटी बढ़ा सकता है। वहीं बिस्किट में मैदा, रिफाइंड शुगर और पाम ऑयल जैसे प्रोसेस्ड इंग्रेडिएंट्स होते हैं जो गट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ब्रेड, बटर और जैम से रहें दूर
व्हाइट या ब्राउन ब्रेड में अक्सर मैदा और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। जैम में शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह कॉम्बिनेशन ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है और जल्दी भूख लगने का कारण बन सकता है।
फ्लेवर्ड कॉर्नफ्लेक्स और पैकेज्ड म्यूसली
कई पैकेज्ड सीरियल्स में हाई शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और प्रोसेस्ड कार्ब्स होते हैं। इन्हें हेल्दी समझकर खाने से शरीर में इंसुलिन स्पाइक हो सकता है।
डीप फ्राइड नाश्ता
पूरी, कचौड़ी, भटूरे या छोलेभटूरे जैसे डीप फ्राइड फूड्स सुबह के समय पाचन पर भारी पड़ सकते हैं। इससे ब्लोटिंग और पेट भारी रहने की शिकायत हो सकती है।
सिर्फ फल खाकर नाश्ता करना
सिर्फ फल या फ्रूट जूस लेने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन और हेल्दी फैट नहीं मिलते। इससे जल्दी भूख लग सकती है और ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है।
गट हेल्थ के लिए क्या खाना चाहिए?
मूंग दाल चीला और दही खाएं
एक हेल्दी ब्रेकफास्ट में फाइबर, प्रोटीन, प्रोबायोटिक्स और हेल्दी फैट का संतुलन होना जरूरी माना जाता है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। सुबह के नाश्ते में मूंग दाल और दही खाएं। मूंग दाल आसानी से पचने वाली दाल मानी जाती है। इसमें प्रोटीन और फाइबर दोनों होते हैं। दही प्रोबायोटिक के रूप में गट हेल्थ को सपोर्ट कर सकता है।
इडली, नारियल चटनी और छाछ खाएं
इडली एक फर्मेंटेड फूड है जो पाचन के लिए हल्का माना जाता है। नारियल चटनी हेल्दी फैट देती है जबकि छाछ गट माइक्रोबायोम को सपोर्ट कर सकती है।
बाजरा या ज्वार का उपमा
मिलेट्स यानी बाजरा और ज्वार में फाइबर ज्यादा होता है और ये ग्लूटेन फ्री होते हैं। यह कॉन्स्टिपेशन कम करने और पेट लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
रागी डोसा
रागी में कैल्शियम, आयरन और रेजिस्टेंट स्टार्च पाया जाता है जो गट बैक्टीरिया के लिए फायदेमंद माना जाता है।
मूंग दालचावल की खिचड़ी
घी और दही के साथ खिचड़ी हल्की और आसानी से पचने वाली मानी जाती है। यह पेट की रिकवरी और गट हेल्थ के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है।
बेसन ढोकला और अजवाइन पानी
फर्मेंटेड बेसन ढोकला और अजवाइन का पानी गैस और ब्लोटिंग कम करने में मदद कर सकते हैं।
अंडे और सब्जियां
अंडे प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत हैं। इन्हें सब्जियों के साथ खाने से लंबे समय तक पेट भरा रह सकता है और अनहेल्दी स्नैकिंग कम हो सकती है।





