पेट की गंदगी साफ करने का आयुर्वेदिक फॉर्मूला, सौंफ, अजवाइन समेत 5 चीजों का पाउडर खाएं, एक्सपर्ट से जानिए कैसा होगा असर​

लगातार रहने वाला कॉन्स्टिपेशन यानी कब्ज की समस्या को नजरअंदाज करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार लंबे समय तक कब्ज रहने से पाइल्स जैसी गंभीर समस्या का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए शुरुआती स्टेज में ही इसका इलाज करना जरूरी माना जाता है। जिन लोगों को लगातार कब्ज रहता है, उनमें स्टूल ठीक से पास नहीं हो पाता, जिसकी वजह से पेट में गंदगी जमा होने लगती है। जब पेट में गंदगी लंबे समय तक रुकी रहती है तो फर्मेंटेशन बढ़ने लगता है, इससे गैस, ब्लोटिंग और डाइजेशन से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा लगातार कब्ज रहने से भूख कम लगना, मूड खराब रहना और एपेटाइट लॉस जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक खराब पाचन की वजह से शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी सही तरीके से नहीं मिल पाते, जिससे शरीर दूसरी बीमारियों की तरफ बढ़ सकता है।

पेट की गंदगी साफ करने का आयुर्वेदिक फॉर्मूला, सौंफ, अजवाइन समेत 5 चीजों का पाउडर खाएं, एक्सपर्ट से जानिए कैसा होगा असर​

Atiya Herbs की डाइट और हेल्थ एक्सपर्ट, सीनियर डायटीशियन Aleena Khan ने कब्ज को दूर करने के लिए सौंफ, अजवाइन,सोंठ,जीरा और आंवले का मिश्रण सेवन करने की सलाह दी है। इस घरेलू नुस्खे से न केवल पाचन दुरुस्त रहता है, बल्कि शरीर से टॉक्सिन पदार्थ भी बाहर निकलते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कब्ज दूर करने का आयुर्वेदिक नुस्खा क्या है और इसे कैसे तैयार और सेवन करें।

आयुर्वेद के अनुसार सौंफ, सोंठ, जीरा, अजवाइन और आंवला कैसे कब्ज में राहत देते हैं?

आयुर्वेद में कब्ज को मुख्य रूप से वात दोष बढ़ने से जुड़ी समस्या माना जाता है। जब पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है और आंतों की गति धीमी पड़ती है, तब मल सूखने लगता है और कब्ज की परेशानी होती है। ऐसे में कुछ पारंपरिक मसाले और जड़ीबूटियां पाचन सुधारकर राहत देने में मदद करती हैं।

  1. Fennel यानी सौंफ पेट को ठंडक देने के साथ पाचन क्रिया को संतुलित करती है। यह गैस और पेट फूलने की समस्या कम करने में सहायक मानी जाती है। Ginger से बनी सोंठ शरीर की पाचन अग्नि को तेज करती है, जिससे भोजन जल्दी पचता है और मल त्याग आसान हो सकता है।
  2. Cumin यानी जीरा आंतों की कार्यक्षमता बेहतर करने में मदद करता है और अपच कम करता है। वहीं Ajwain को आयुर्वेद में गैस, भारीपन और कब्ज दूर करने के लिए उपयोगी माना गया है क्योंकि यह पाचन रसों को सक्रिय करता है।
  3. आंवला फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह आंतों को साफ रखने, मल को नरम बनाने और पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद कर सकता है। आयुर्वेद में आंवले को त्रिदोष संतुलित करने वाला फल माना गया है।

आयुर्वेदिक नुस्खा कैसे तैयार करें?

कब्ज से राहत पाने के लिए सौंफ, सोंठ, जीरा, अजवाइन और आंवले के पाउडर का इस्तेमाल करें। इसके लिए सौंफ, जीरा और आंवले का पाउडर एकएक चम्मच और सोंठ व अजवाइन का पाउडर आधाआधा चम्मच मिलाएं। इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करके कांच के जार में स्टोर कर लें।

सेवन करने का सही तरीका

एक्सपर्ट के मुताबिक सुबह और शाम खाना खाने से पहले एक चम्मच इस मिश्रण को गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं फायदा होगा। कुछ लोग इसमें चुटकी भर नमक भी मिला सकते हैं। माना जाता है कि इससे पाचन बेहतर हो सकता है और कब्ज से राहत मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी और घरेलू नुस्खों पर आधारित है। सौंफ, अजवाइन और आंवला पाचन में सहायक हो सकते हैं, लेकिन यह किसी गंभीर बीमारी का पूर्ण विकल्प नहीं हैं। यदि आप क्रोनिक कब्ज, बवासीर या किसी अन्य पेट की बीमारी से जूझ रहे हैं, तो इसका सेवन करने से पहले किसी डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को इसका सेवन बिना डॉक्टरी परामर्श के नहीं करना चाहिए।

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