दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर वैल्यू एडेड टैक्स को 25% से घटाकर 7% करने का निर्णय लिया है. सरकार का दावा है कि इस निर्णय का लाभ सभी यात्री और एयरलाइन कंपनियों को मिलेगा. इससे पहले महाराष्ट्र ने इसी तरह टैक्स में कटौती की थी, जिसके बाद वहां एयरलाइंस को काफी फायदा हुआ था और उड़ानों की संख्या भी बढ़ गई थी.

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से दुनिया भर में ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं. ऐसे में दिल्ली सरकार का यह कदम हवाई यात्रा को थोड़ा सस्ता बना सकता है. दिल्ली में ईंधन पर लगने वाला ऊंचा VAT सालों से एयरलाइंस के लिए एक बड़ी समस्या रहा है. इसी वजह से उड़ानें महंगी होती हैं और हवाई टिकटों के दाम बढ़ने का डर बना रहता है.
माना जाता है कि ATF और VAT की बड़ी लागत की वजह से ही एयरपोर्ट पर अभी यात्रियों की संख्या भी कम ही देखी जा रही है. ऐसे में दिल्ली सरकार का ये फैसला एयरलाइन कंपनियों को कुछ राहत देगा. साथ ही एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में वृद्धि भी कर सकता है.
इस मुद्दे पर बातचीत अब अंतिम चरण में
एयरलाइन इंडस्ट्री के विशेषज्ञ काफी समय से टैक्स कम करने की वकालत कर रहे हैं, ताकि एयरलाइंस को आर्थिक रूप से मजबूती मिल सके और दिल्ली एक एविएशन हब के तौर पर अपनी प्रतिस्पर्धा बनाए रखे. अब दिल्ली सरकार के फैसले से यात्रियों के साथ ही एयरलाइन कंपनियों को फायदा होगा. हालांकि, 25% से घटकर 7 फीसदी हुई वैट दर प्रारंभिक तौर पर 6 महीने की अवधि के लिए लागू की जाएगी.
केंद्र सरकार ने राज्यों से क्या अपील की थी?
केंद्रीय विमानन मंत्रालय लंबे समय से राज्यों से ATF पर VAT कम करने की अपील कर रहा था. केंद्र का मानना है कि वैश्विक संकट के दौरान एयरलाइंस पर अतिरिक्त टैक्स दबाव कम होना चाहिए. घरेलू एविएशन नेटवर्क को स्थिर रखना जरूरी है. यात्रियों पर बढ़ते किराए का बोझ कम किया जाना चाहिए.
केंद्र सरकार दे चुकी कई राहत
केंद्र सरकार पहले ही कई राहत उपाय कर चुकी है. घरेलू ऑपरेटरों के लिए ATF कीमतें तय करने, हवाई अड्डा शुल्क घटाने और इमरजेंसी क्रेडिट लिंक्ड योजना जैसी पहल की गई हैं. इसके बावजूद राज्य स्तर पर VAT एक बड़ी लागत बनी हुई है, जो विभिन्न राज्यों में 4 से 30 प्रतिशत तक है. हालांकि बीजेपी शासित राज्य सरकारों ने अब ATF और VAT में कटौती करनी शुरू कर दी है. वहीं, दिल्ली सरकार का यह कदम पड़ोसी राज्यों की तुलना में स्थानीय हवाई अड्डों की कॉम्पटीशन बढ़ाएगा. इससे दिल्ली में हवाई यात्रा सस्ती और सुगम बनेगी.
ATF पर टैक्स कम होने से क्या फर्क पड़ेगा?
एयरलाइन कंपनियों के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ATF सबसे बड़ा हिस्सा होता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कई बार यह कुल लागत का 3540% तक होता है. ऐसे में VAT कम होने से एयरलाइंस की लागत घट सकती है. घरेलू उड़ानों को राहत मिलेगी. किराए में तेज बढ़ोतरी नियंत्रित हो सकती है. संकट के समय एयरलाइन सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा.





