भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेक्टर अब तेजी से बढ़ने के नए दौर में प्रवेश कर चुका है. Investec Equities की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस सेक्टर की ग्रोथ सिर्फ नए यूजर्स जुड़ने से नहीं, बल्कि लोगों के बारबार ऑर्डर करने और छोटे शहरों में बढ़ती पहुंच से तय होगी.

2030 तक तीन गुना हो सकता है बाजार
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट 2024 में करीब 9.1 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक लगभग 27 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. यानी यह सेक्टर सालाना करीब 19% की दर से बढ़ेगा. डिजिटल इस्तेमाल और शहरीकरण इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं.
अभी भी कम है ऑनलाइन ऑर्डरिंग की हिस्सेदारी
भारत का कुल फूड सर्विस बाजार FY20 में 4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 7 लाख करोड़ रुपये हो गया है और FY30 तक 1112 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इसके बावजूद ऑनलाइन और बाहर खाने की हिस्सेदारी अभी सिर्फ 13% है, जो अमेरिका और चीन जैसे देशों से काफी कम है.
बदलती लाइफस्टाइल से बढ़ रही मांग
छोटे परिवार, लंबे वर्किंग ऑवर्स और शहरों की ओर पलायन जैसे कारण लोगों को ज्यादा बार बाहर खाना या ऑनलाइन ऑर्डर करने के लिए प्रेरित कर रहे है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। खासकर युवाओं और कामकाजी वर्ग में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है.
छोटे शहरों से आ रही नई ग्रोथ
मेट्रो और बड़े शहर अभी भी बाजार का 7580% हिस्सा रखते हैं, लेकिन टियर2 और छोटे शहरों का योगदान 2025% तक पहुंच चुका है. यही शहर अब इस सेक्टर की अगली ग्रोथ का बड़ा आधार बन रहे हैं.
ऑर्गनाइज्ड सेक्टर और टेक्नोलॉजी का असर
ब्रांडेड रेस्टोरेंट्स, क्लाउड किचन और बेहतर डिलीवरी नेटवर्क के चलते ऑर्गनाइज्ड सेक्टर का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है. साथ ही स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से ऑर्डर करना और भी आसान हो गया है.
आगे और तेजी की उम्मीद
फिलहाल भारत में लोग महीने में औसतन 35 बार खाना ऑर्डर करते हैं, जबकि विकसित देशों में यह आंकड़ा ज्यादा है. ऐसे में आने वाले समय में ऑर्डर की संख्या और औसत खर्च दोनों बढ़ने की पूरी संभावना है. कम पहुंच, बढ़ती डिजिटल आदतें और छोटे शहरों की भागीदारी के चलते भारत का फूड डिलीवरी बाजार आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में शामिल हो सकता है.





