गेंद से इश्क करने वाला गेंदबाज: प्रवीण कुमार के मंत्र ने भुवनेश्वर कुमार को बनाया IPL का ‘स्विंग किंग’

‘‘गेंद से प्यार करना पड़ता है।’’ प्रवीण कुमार का यह यह सीधासादा मंत्र ही प्रवीण कुमार की कामयाबी की असली कहानी है। यह सिर्फ एक सलाह नहीं, बल्कि गेंद को संभालने, उसे समझने और हर बॉल में उसे महसूस करने की कला वाली एक आदत है। करीब दो दशकों के करियर में भुवनेश्वर ने इस ‘इश्क’ को अपने खेल का आधार बनाया।

गेंद से इश्क करने वाला गेंदबाज: प्रवीण कुमार के मंत्र ने भुवनेश्वर कुमार को बनाया IPL का ‘स्विंग किंग’

नतीजा यह है कि तेज, ताकतवर और ज्यादा स्पीड वाले गेंदबाजों के बीच भी वह IPL के सबसे भरोसेमंद और खतरनाक स्विंग गेंदबाज बनकर उभरे हैं। पावरप्ले में उनका दबदबा, सटीक लाइनलेंथ और ‘हाथ की कला’ उन्हें बाकी से अलग बनाती है और यही वजह है कि आज वह IPL के ‘स्विंग किंग’ कहलाते हैं।

गेंद को खजाना समझते हैं भुवनेश्वर

स्विंग के जादूगर प्रवीण कुमार द इंडियन एक्सप्रेस से मजाकिया अंदाज में कहते हैं, ‘‘गेंद से प्यार करना पड़ता है।’’ प्रवीण कुमार अपने ‘छोटे भाई और परिवार’ का उदाहरण देते हैं। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। प्रवीण कहते हैं, ‘‘वह एक समर्पित प्रेमी की तरह है। वह गेंद का बहुत अच्छे से ख्याल रखता है। हमेशा एक तरफ को चमकाकर रखता है। उस पर लगी धूल हटाता है। उसे किसी खजाने की तरह सहेजता है। गेंद भी उससे उतना ही प्यार करती है।’’

जैसाकि सोमवार 27 अप्रैल की रात दिल्ली में देखने को मिला। गेंद ने ठीक वैसा ही बर्ताव किया जैसा वह चाहते थे। गेंद में मूवमेंट भले ही कम थी, लेकिन काफी थी। बल्लेबाज जो आमतौर पर इस फॉर्मेट को अपनी धुन पर नचाते हैं, इस बार गेंदबाज़ की धुन पर नाचते नजर आए।

IPL के सबसे सफल पेसर हैं भुवी

एक ऐसा गेंदबाज जिसे कभी टी20 फॉर्मेट के लिए बहुत ज्यादा ‘पारंपरिक’ माना जाता था, अब इस फॉर्मेट के सबसे सम्मानित गेंदबाजों में से एक हैं। वह IPL इतिहास में सबसे सफल तेज गेंदबाज हैं। वर्तमान सीमर्स में जसप्रीत बुमराह ही उनसे ज्यादा किफायती हैं।

का इकॉनमी रेट 7.28 है। भुवनेश्वर IPL के पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट सिर्फ 6.58 है। भुवनेश्वर कुमार से ज्यादा तेज, लंबे और मजबूत गेंदबाज तो कब के पीछे छूट चुके हैं।

यह गेंद और गेंदबाज के बीच का एक ऐसा प्रेमप्रसंग है, जिसकी शुरुआत लगभग 20 साल पहले मेरठ में हुई थी। यह आज भी कायम है और मौसमों की मार, नाकामियों और चोटों के कहर को झेलते हुए बड़ेबड़े मंचों पर नजर आता है। प्रवीण कुमार बताते हैं, ‘‘मैंने जब उसे पहले दिन देखा था तभी से वह गेंदबाजी के प्रति पूरी तरह समर्पित था। वह ऐसा इंसान था जो सिर्फ इसलिए गेंदबाजी करता था, क्योंकि उसे बॉलिंग करना पसंद था।’’

खुद से सीखने में है फायदा: भुवी

bcci.tv को दिए इंटरव्यू में भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि खुद से सीखने के कई फायदे हैं। भुवनेश्वर कुमार ने कहा, ‘‘जब मैं छोटा था तो मेरी गेंद में स्वाभाविक रूप से इनस्विंग होती थी। मैं नेट्स में लगातार गेंदबाजी करता रहा और एक दिन, गेंद दूसरी तरफ स्विंग हो गई।’’

उन्होंने बताया, ‘‘इस पर मैंने खुद से पूछा कि मैं क्या अलग कर रहा हूं; मैंने रनअप, ग्रिप और गेंद छोड़ने के तरीके में होने वाले छोटेछोटे बदलावों पर ध्यान देना शुरू किया। फिर मुझे समझ आया कि मैं क्या अलग कर रहा था और इस तरह आप खुद ही अपने विश्लेषक और आलोचक बन जाते हैं।’’

इस तरीके में कुछ कमियां हैं। विशेषज्ञ की सलाह के बिना, अनजाने में ही ऐसी गलतियां हो सकती हैं जिन्हें सुधारा न जा सके, लेकिन प्रवीण कुमार इस बात पर जोर देते हैं कि खुद से सीखने का फायदा यह है कि आपकी आदत बन जाती है।

जैसे अगर वह गेंदबाजी वाला हाथ कान से थोड़ा दूर ले जाते तो गेंद बाहर की तरफ स्विंग होती और अगर हाथ कान से सटकर निकलता तो गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज की तरफ अंदर की ओर आती।

प्रवीण कुमार ने बताया, ‘‘सिर्फ बातें करके नहीं, बल्कि एकदूसरे को ध्यान से देखकर वसीम भाई, जैक या ऐश भाई जैसे महान गेंदबाजों को देखकर और उन छोटीछोटी बातों पर चर्चा करके, जिनसे आखिर में जाकर बहुत बड़ा फर्क पड़ता है।’’

प्रवीण कुमार ने बताया, ‘‘बेशक हमारे पास कोच और सीनियर खिलाड़ी थे, लेकिन हमने अपनी ज्यादातर सीख खुद ही हासिल की।’’ प्रवीण कुमार को वह पल आज भी याद है, जब उन्होंने पहली बार जहीर की ‘नकल बॉल’ देखी थी।

ने बताया, ‘‘हम दोनों ही इससे बहुत प्रभावित थे। जाहिर है, हमने अगले ही दिन उस गेंद को आजमाया, लेकिन बुरी तरह नाकाम रहे। हालांकि, समय के साथ हमने इसे सीख लिया।’’ प्रवीण ने आंख मूंदकर जहीर खान की नकल नहीं की, बल्कि इसे अपने खेल के हिसाब से ढाल लिया।

जहीर खान अपनी तर्जनी अंगुली को गेंद के पीछे मोड़कर उसे झटकते थे। भुवनेश्वर इसे सीधी सीम के साथ फेंकते हैं और सीम को अंगुलियों के पोरों से पकड़ने के लिए तर्जनी और मध्यमा अंगुलियों के जोड़ों को मोड़ते हैं। अंगूठा एक सहारे का काम करता है।

आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के खिलाफ के मैच में रियान पराग का वेपिंग करते वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है और BCCI कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।

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