गर्मी में घंटों पहले काटकर रखा फल खाना खतरनाक साबित हो सकता है. छत्तीसगढ़ में घंटों पहले कटा हुआ तरबूज खाने के बाद बच्चे को पहले उल्टी और दस्त हुए और फिर सांस में तकलीफ होने लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई.

गर्मियों में तरबूज लोगों का पसंदीदा फल होता है, लेकिन इसे लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है. छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कथित तौर पर लंबे समय तक रखा कटा हुआ तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है.
यह घटना लोगों के लिए बड़ी चेतावनी मानी जा रही है. डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी में कटे हुए फल को लंबे समय तक बाहर रखने से उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं.
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कटा हुआ तरबूज खाने से हुई मौत
दरअसल तरबूज सुबह काटा गया था और कई घंटों बाद बच्चों ने उसे खाया. जहां मृतक बच्चे को पहले उल्टी, दस्त हुए और सांस लेने में तकलीफ़ जैसे लक्षण दिखाई देने लगे. लंबे समय तक फल कटा हुआ रखने से उसमें बैक्टीरिया पनपने की संभावना बढ़ गई. इस घटना से पता चलता है कि कटे हुए फलों को लंबे समय तक खुले में रखना कितना खतरनाक हो सकता है.
क्यों खराब हो जाता है कटा हुआ फल?
तरबूज जैसे फलों में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. जब इन्हें काट दिया जाता है, तो उनका अंदरूनी हिस्सा हवा, गर्मी और बैक्टीरिया के कॉन्टैक्ट में आ जाता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। अगर फल को लंबे समय तक बाहर रखा जाए, खासकर गर्मियों में, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं. ऐसे फल खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, पेट दर्द, दस्त और गंभीर हालत में शरीर में संक्रमण तक हो सकता है.
कटे फल में जल्दी बढ़ते हैं बैक्टीरिया
विशेषज्ञों के अनुसार, कमरे के तापमान पर कटे हुए फल ज्यादा देर तक सुरक्षित नहीं रहते. गर्म मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं और फल को खराब कर सकते हैं. कई बार फल देखने में ठीक लगता है, लेकिन उसके अंदर हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं.
कैसे रखें सावधानी?
- फल काटने के तुरंत बाद खा लेना सबसे सुरक्षित माना जाता है.
- अगर बाद में खाना हो, तो उसे एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रखें.
- कटे हुए फल को कई घंटों तक खुले में न छोड़ें.
- बदबू, चिपचिपापन या स्वाद बदलने पर फल बिल्कुल न खाएं.
- बच्चों और बुजुर्गों को हमेशा ताजा फल ही दें.





