भारतीय रसोई में देसी घी का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है. दाल में डालकर खाना हो या फिर रोटी में लगाकर खाना है…देसी घी हर किसी की थाली का एक अहम हिस्सा बन गया है. वहीं कुछ लोग देसी घी से पराठें सेक लेते हैं तो कुछ दाल में तड़का भी लगाते हैं.देसी घी को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद भी माना जाता है. लेकिन आजकल लोगों के मन में एक सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या देसी घी को ज्यादा पकाकर खाना सही है या नहीं. क्योंकि कई लोग हाई फ्लेम पर घी में खाना बनाते हैं, वहीं कुछ लोग मानते हैं कि घी को ज्यादा गर्म करने से उसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं.

ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि एक्सपर्ट इस बारे में क्या राय रखते हैं और देसी घी को किस तरह इस्तेमाल करना शरीर के लिए बेहतर माना जाता है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि घी को पकाकर खाना सही है या नहीं तो ये आर्टिकल आपके लिए है. चलिए यहां हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं देसी घी को पकाकर खाने के फायदे हैं या नुकसान.
देसी घी को पकाकर खाना कैसा है?
गंगाराम हॉस्पिटल की सीनियर डायटीशियन डॉक्टर फारेहा शानम बताती हैं कि, देसी घी को पकाकर खाना पूरी तरह गलत नहीं माना जाता. एक्सपर्ट्स के मुताबिक घी का स्मोक पॉइंट काफी हाई होता है. काफी अच्छा होता है, इसलिए यह सामान्य तापमान पर पकाने के लिए सुरक्षित माना जाता है. हालांकि, अगर घी को बहुत ज्यादा तेज आंच पर बारबार गर्म किया जाए, तो यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में घी का सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी होता है.
वहीं एक्सपर्ट का कहना है कि घी को कम मात्रा में ही खाना चाहिए. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। जैसे दिन का 1 या 2 चम्मच देसी घी खाना ही बेहतर है. इसे रोटी पर लगाकर खाएं या फिर शैलो फ्राई करके…ये दोनों ही केस में सेफ टू यूज माना जाता है.
क्या पकाने पर खत्म हो जाते हैं देसी घी के न्यूट्रिशन?
देसी घी में हेल्दी फैट, विटामिन A, D, E और K जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. लेकिन जब घी को बहुत ज्यादा तापमान पर लंबे समय तक गर्म किया जाता है, तो इसके कुछ न्यूट्रिशन कम हो सकते हैं. खासकर बारबार गर्म किया हुआ घी शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकता है. घी को मीडियम फ्लेम पर इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर रहता है, ताकि उसके पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रह सकें.





