भर पेट खाने की आदत के बावजूद बच्चा है अंडरवेट? इसकी वजह फोन तो नहीं, एक्सपर्ट से जानें​

फोन देखकर ही खाना खाने की वजह से बच्चा क्या अंडरवेट का शिकार हो जाता है? इतना ही नहीं इस बुरी आदत की वजह से बच्चा ओवरवेट भी हो जाता है. खाना खाते हुए फोन देखने की ये लत कई तरीकों से बच्चों को नुकसान पहुंचा रही है. दरअसल, भारतीय घरों में अधिकतर मातापिता अपने बच्चे को खाना खिलाने के लिए खुद से ज्यादा फोन पर डिपेंड रहते हैं. खाना खाते वक्त तो बच्चा स्क्रीन देखता ही है इसके अलावा भी वो ऑलटाइम गैजेट्स में टाइम बिताता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कई रिसर्च में सामने आ चुका है कि बच्चा अगर फोन देखते हुए ही खाना खाता है तो इससे उसकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों पर बुरा असर पड़ता है.

भर पेट खाने की आदत के बावजूद बच्चा है अंडरवेट? इसकी वजह फोन तो नहीं, एक्सपर्ट से जानें​

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस कारण खाना ठीक से पचता नहीं है. इसके अलावा बच्चा अपनी भूख को भी मॉनिटर नहीं कर पाता है. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं कि ऐसे खाना खाने का तरीका सेहत के लिए कितना खतरनाक है?

फोन देखते हुए खाना खाना

बीते कुछ सालों में स्मार्ट फोन और सोशल मीडिया का क्रेज अमूमन हर किसी को है. बड़े हो या बच्चे… हर इंसान फोन पर घंटों बर्बाद करते हैं. बच्चों की बात करें तो ये शॉर्ट और लॉन्ग वीडियो, गेम्स या दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को यूज करने के आदी हो गए हैं. 6 महीने का बच्चा भी यूट्यूब पर वीडियो देखते हुए खाना खाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ये एक तरह की लत है जिसके लॉन्ग टर्म में गंभीर नुकसान होते हैं. इस आदत का असर हमारे खाने के तरीके पर भी पड़ रहा है. बच्चे फोन देखते हुए देर तक खाना खाते हैं. जानें इसके नुकसान…

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

नोएडा के निदान मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल के डॉक्टर राजीव रंजन कहते हैं, फोन का इस्तेमाल और स्क्रीन टाइम हैं आज के डेट में बहुत बड़ी परेशानी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ज्यादातर मामलों में मातापिता के पास समय नहीं होता. टाइम की बचत के अलावा बच्चे कुछ खा रहा है इस वजह के चलते भी पेरेंट्स उसे फोन दिखाकर खाना खिलाते हैं. डॉ. राजीव रंजन कहते हैं कि इस तरीके से पेरेंट्स रिलैक्स हो सकते हैं लेकिन पौष्टिक आहार की कमी रह जाती है. इस दौरान बच्चे फोन में इतना खो जाते हैं कि वो खाने पर ध्यान नहीं देते हैं और ये अंडरवेट होने का एक अहम कारण है.

पौष्टिक आहार की कमी, बैलेंस्ड डाइट कमी, कार्ब्स कमी, प्रोटीन और फैट कमी के कारण बच्चा ठीक से ग्रो नहीं कर पाता है. बच्चा पिक ईटर बन जाता है. खास तौर पर 1 से 3 साल के बच्चों को फोन और स्क्रीन टाइम को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. मातापिता को कोशिश करनी चाहिए कि वे बच्चे को बैलेंस्ड डाइट दें.

फोन की लत छुड़ाने के तरीके

डॉ. राजीव कहते हैं कि खाना खिलाते हुए कुछ क्रिएटिव तरीके आजमाएं. जिस थाली में आप खा रहे हैं उसी में बच्चे को भी खिलाएं. ऐसा करके आप उसे अटेंशन दे पाते हैं और वो खाने को मन से खाएगा.

जो बच्चे को खिला रहे हैं, उसे आप भी खाएं क्योंकि ऐसा देखकर बच्चा प्रोत्साहित होता है.

हर समय फोन और स्क्रीन टाइम का यूज न सिर्फ बैलेंस्ड डाइट से दूर करता हैं बल्कि मानसिक विकास में रोक लगाता हैं.

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