आजकल हर कोई अपना खुद का काम शुरू करना चाहता है, और इसके लिए पैसों की जरूरत होती है. सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ऐसे ही लोगों की आर्थिक मदद करने के लिए बनाई गई है. लेकिन क्या हो अगर आपके पास अचानक एक चिट्ठी आए, जिसमें लिखा हो कि आपका 5 लाख रुपये का मुद्रा लोन पास हो गया है? जाहिर है, आप एक पल के लिए खुश होंगे. लेकिन ठहरिए, यह खुशी आपको भारी पड़ सकती है. इन दिनों बाजार में एक ऐसा ही ‘लोन अप्रूवल लेटर’ तेजी से वायरल हो रहा है, जो असल में जालसाजों का बिछाया हुआ एक बड़ा जाल है.

5 लाख का झांसा देकर बना रहे शिकार
इस वित्तीय फर्जीवाड़े का तरीका बहुत ही शातिर है. आम लोगों के पास एक लेटर भेजा जा रहा है, जो देखने में बिल्कुल सरकारी दस्तावेज़ जैसा लगता है. इस पत्र में स्पष्ट रूप से दावा किया जाता है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आपका 5 लाख रुपये का बिजनेस लोन मंजूर कर लिया गया है. इतनी बड़ी रकम का लालच देने के बाद, ठग अपना असली खेल शुरू करते हैं. पत्र में शर्त रखी जाती है कि इस लोन की रकम को आपके बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए महज़ 350 रुपये की ‘प्रोसेसिंग फीस’ जमा करनी होगी. एक आम इंसान 5 लाख रुपये के सामने 350 रुपये को बहुत मामूली रकम मानकर आसानी से इन जालसाजों के झांसे में आ जाता है.
SCAM ALERT!
A fraudulent ‘Loan Approval Letter’ is being circulated in the name of Pradhan Mantri Mudra Yojana, falsely promising disbursal of ₹5,00,000 on payment of a ₹350 processing fee.#PIBFactCheck:
The letter is #FAKE.
MUDRA does NOT provide direct loans to pic.twitter.com/hJNnEsrDCr
— PIB Fact Check May 4, 2026
पीआईबी ने बताई वायरल लेटर की सच्चाई
जब यह मामला तूल पकड़ने लगा और कई लोगों के पास ऐसे पत्र पहुंचने लगे, तो सरकार की फैक्टचेकिंग एजेंसी, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने इसकी गहन जांच की. पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लोन अप्रूवल लेटर पूरी तरह से फर्जी है. मुद्रा योजना के तहत ऐसा कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है. ठगों ने सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों के विश्वास का फायदा उठाने के लिए यह नकली लेटरहेड तैयार किया है. इसका एकमात्र मकसद सीधेसादे लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ऐंठना है.
मुद्रा योजना का असली नियम क्या है?
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात जो समझनी चाहिए, वह है मुद्रा योजना के काम करने का बुनियादी ढांचा. पीआईबी ने साफ किया है कि ‘मुद्रा’ सीधे तौर पर किसी भी व्यक्ति या सूक्ष्म उद्यमी को लोन नहीं देता है. मुद्रा वास्तव में एक पुनर्वित्त एजेंसी है. आसान भाषा में समझें तो, यह संस्था बैंकों और वित्तीय कंपनियों को पैसा देती है, और फिर वे बैंक आम जनता को लोन बांटते हैं. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसलिए, अगर सीधे मुद्रा के नाम से आपके पास कोई लोन ऑफर आ रहा है, तो समझ लीजिए कि वह सौ फीसदी धोखा है.
अपनी गाढ़ी कमाई को ठगों से कैसे सुरक्षित रखें?
इस डिजिटल दौर में जागरूकता और सतर्कता ही बचाव का एकमात्र तरीका है. अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज, ईमेल या लेटर आता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं. किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के कहने पर कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें, भले ही रकम 350 रुपये जितनी छोटी ही क्यों न हो. इसके अलावा, अपने बैंक खाते की जानकारी या कोई भी निजी डेटा किसी के साथ साझा न करें. सरकारी योजनाओं की जानकारी हमेशा आधिकारिक स्रोतों या अपने नजदीकी बैंक शाखा से ही वेरिफाई करें. आपकी थोड़ी सी सावधानी आपको एक बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है.
SCAM ALERT!
The letter is #FAKE.
MUDRA does NOT provide direct loans to pic.twitter.com/hJNnEsrDCr




