Nishant Sindhu: भारतीय क्रिकेट को एक और ऑलराउंड स्टार मिलने की आहट सुनाई दे रही है। निशांत सिंधु एक ऐसा नाम जो घरेलू क्रिकेट में लगातार अपने प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर रहा है और अब टीम इंडिया के लिए बड़े सपने देख रहा है। गुजरात टाइटंस के इस युवा खिलाड़ी ने साफ कर दिया है कि उनका लक्ष्य सिर्फ टीम में जगह बनाना नहीं, बल्कि देश के लिए बड़े ICC खिताब जीतना है। बाएं हाथ के बल्लेबाज और लेफ्टआर्म स्पिनर निशांत सिंधु का खेल कई मायनों में रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेलl की याद दिलाता है। मिडिल ऑर्डर में भरोसेमंद बल्लेबाजी और गेंद से लगातार योगदान देने की काबिलियत ने उन्हें एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में उभारा है।

U19 वर्ल्ड कप फाइनल बना टर्निंग पॉइंट
साल 2022 के अंडर19 वर्ल्ड कप में सिंधु ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में जब टीम दबाव में थी, तब उन्होंने नाबाद 50 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। इस पारी को वह अपने करियर का सबसे खास पल मानते हैं। से खास बातचीत में निशांत संधू ने बताया कि U19 वर्ल्ड कप के फाइनल में उनका प्रदर्शन उनके लिए बहुत अहम था। उस टूर्नामेंट में उन्हें अच्छी शुरुआत तो मिल रही थी, लेकिन वह उनका पूरा फायदा नहीं उठा पा रहे थे। वह सबसे बेहतरीन पल था, जब उन्होंने उस मुश्किल हालात में टीम के लिए वर्ल्ड कप जीता।
बतौर कप्तान बहुत कुछ सीखा
कम लोग जानते हैं कि उस टूर्नामेंट में सिंधु ने कप्तानी भी की थी। जब यश ढुल और शेख रशीद उपलब्ध नहीं थे, तब उन्होंने टीम की कमान संभाली और अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि क्लब लेवल क्रिकेट में जब वह अपनी टीम की कप्तानी करता था, तो यह चीज उनके लिए एकदम स्वाभाविक थी। उन्होंने सीखा कि कुछ खास स्थितियों में क्या करना चाहिए और चीजों को कैसे संभालना चाहिए। इसलिए, जब उन्होंने विजय मर्चेंट ट्रॉफी और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में कप्तानी की, तो उस अनुभव से मुझे काफी मदद मिली।
धोनीजडेजा से बहुत कुछ सीखने को मिला
IPL 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़ने के बाद सिंधु को एमएस धोनी और रवींद्र जडेजा जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका मिला, जिसे वह अपने करियर का सपना मानते हैं। उन्होंने बताया कि यह भी एक सपना था। वह हमेशा जड्डू भाई और माही भाई को अपना आदर्श मानते थे। उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना बहुत शानदार था। उन्होंने कहा कि बहुत सी बातें हैं, जैसे कि बॉलिंग में, उन्होंने उनको बताया कि किसी खास बल्लेबाज के खिलाफ क्या रणनीति हो सकती है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इसलिए, वह अपने खेल में उसी का पालन करने की कोशिश करता हैं। उन्होंने उसके बाद अपनी गेंदबाजी में कुछ वेरिएशन और एंगल जोड़े हैं। जडेजा ने उन्हें बताया कि T20 क्रिकेट में, खासकर IPL जैसी लीग में, जहां कई बड़े इंटरनेशनल खिलाड़ी खेलते हैं, क्या चीज सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। इसलिए, उनके खिलाफ रणनीति बनाना बहुत अहम है, और उन्होंने यह उनसे ही सीखा है।
गुजरात टाइटंस के साथ नई सीख
फिलहाल GT का हिस्सा बने सिंधु टीम के माहौल में खुद को ढाल रहे हैं। कप्तान शुभमन गिल और कोचिंग स्टाफ उन्हें मैच सिचुएशन को समझने और बेहतर निर्णय लेने में मदद कर रहे हैं। टीम में उनके हरियाणा के साथी राहुल तेवतिया ने भी उन्हें सहज महसूस कराने में बड़ी भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि राहुल भैया घरेलू क्रिकेट में भी उनके साथ रहे हैं। इसलिए IPL में भी उन्होंने उनकी बहुत मदद की। पिछले साल वब थोड़ा घबराये हुए थे। उन्होंने उन्हें सहज महसूस कराया और टीम के साथ घुलनेमिलने में मदद की। उन्होंने उनसे कहा कि तुम किसी से भी बात कर सकते हो, चाहे वह गिल हो या आशीष नेहरा।
बड़ा सपना भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना
निशांत सिंधु का अंतिम लक्ष्य साफ है भारत के लिए ICC ट्रॉफी जीतना। इस बारें में उन्होंने बताया कि वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलना चाहते हैं। रेड बॉल फॉर्मेट के लिए थोड़ी ज्यादा प्राथमिकता है। वह भारत के लिए ODI वर्ल्ड कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतना चाहता हैं। वह जडेजा और अक्षर जैसे खिलाड़ियों से सीखते है कि वे कैसे बैटिंग करते हैं और दबाव को कैसे संभालते हैं। निशांत सिंधु की आंखों में बड़े सपने हैं और जिस तरह से वह लगातार मेहनत और सीखने पर ध्यान दे रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब यह युवा ऑलराउंडर टीम इंडिया की जर्सी में बड़े मंच पर चमकता नजर आएगा।





