मैच विनर्स से लेकर ‘मिस्ट्री क्रिकेटर्स’ तक: IPL से गायब हो गए इतिहास रचने वाले ये सितारे

इंडियन प्रीमियर लीग के 18 सीजन हो चुके हैं। आईपीएल 2026 मतलब 19वां सीजन भी अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान हमने सैकड़ों खिलाड़ियों को अलगअलग टीमों के लिए खेलते देखा है। कुछ खिलाड़ियों ने बहुत बड़ी सफलता हासिल की, जैसे रोहित शर्मा, एमएस धोनी, विराट कोहली, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या।

मैच विनर्स से लेकर ‘मिस्ट्री क्रिकेटर्स’ तक: IPL से गायब हो गए इतिहास रचने वाले ये सितारे

वहीं, कुछ अन्य खिलाड़ियों की सफलता सिर्फ एक या कुछ ही संस्करण तक सीमित रही। ये खिलाड़ी अचानक सुर्खियों में आए, शानदार प्रदर्शन किया। हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश की और अपनेअपने तरीके प्रशंसकों का मनोरंजन किया और IPL को बेहद दिलचस्प बनाया, लेकिन फिर धीरेधीरे क्रिकेट के इस बड़े मंच से गायब हो गए।

इन खिलाड़ियों को कुछ खास पलों जैसे कोई शतक, कोई शानदार स्पेल या कोई फाइनल मैच के लिए याद किया जाता है। यह बात इस सच्चाई को सामने लाती है कि IPL में सिर्फ एक शानदार प्रदर्शन भी यादगार पल बन सकता है, भले ही उस खिलाड़ी का करियर लंबा और लगातार न रहा हो। इंडियन प्रीमियर लीग में शायद इन खिलाडि़यों की कहानियां सबसे ज्यादा दिल छू लेने वाली हैं। यहां ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के खास पलों और प्रदर्शन की जानकारी दी गई है।

पॉल वाल्थाटी

आईपीएल 2011 में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलते हुए पॉल वॉल्थाटी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया। खासकर चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उनकी नाबाद 120 रन की पारी आज भी याद की जाती है। उस पारी ने पॉल वॉल्थाटी को IPL में शतक बनाने वाले अनकैप्ड खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया। पॉल वाल्थाटी ने उस सीजन 14 मैच में 463 रन बनाए थे। हालांकि, चोट और खराब फॉर्म के चलते उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं चल पाया। पॉल वॉल्थाटी ने अपने आईपीएल करियर में कुल 23 मैच में 505 रन बनाये और 12 विकेट लिए। आज वह कोचिंग की दुनिया में चले गए हैं। उनकी बल्लेबाजी के कारनामे अब बस याद बनकर रह गए हैं।

स्वप्निल असनोदकर

राजस्थान रॉयल्स के पहले खिताबी सीजन में स्वप्निल असनोदकर ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। स्वप्निल असनोदकर की आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम की नींव मजबूत की, लेकिन बाद के सीजन में वह उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए। स्वप्निल असनोदकर ने आईपीएल 2008 में नौ मैच में 311 रन बनाकर एक नए बल्लेबाजी सितारे के आगमन के संकेत दिये थे, लेकिन बाद के संस्करणों में उनका प्रदर्शन लगातार गिरता गया। स्वप्निल असनोदकर ने अपने आईपीएल करियर में 20 मैच में 21.15 के औसत और के स्ट्राइक रेट से 423 रन बनाए।

मनविंदर बिस्ला

आईपीएल 2012 के फाइनल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए मनविंदर बिस्ला मैच जिताऊ पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने टीम को पहला खिताब दिलाया। आईपीएल 2012 में मनविंदर बिस्ला ने सात मैच में 30.42 के औसत और 133.12 के स्ट्राइक रेट से 213 रन बनाये थे। हालांकि, इसके बाद उनका करियर उतारचढ़ाव से भरा रहा। आईपीएल 2013 में मनविंदर बिस्ला ने 19.61 के औसत और 108.05 के स्ट्राइक रेट से 14 मैच में 255 रन ही बनाये। साल 2014 और 15 में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। मनविंदर बिस्ला ने अपने आईपीएल करियर में 39 मैच में 21.00 के औसत और 113.68 के स्ट्राइक रेट से 798 रन बनाये। उनका उच्चतम स्कोर 92 रन रहा।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा जैसे कुछ खिलाड़ियों के लिए आईपीएल में मिली सफलता के बाद अंतरराष्ट्रीय पहचान का दरवाजा खुला। आईपीएल 2011 में पुणे वॉरियर्स इंडिया के लिए 16 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली, लेकिन 2014 आतेआते उनका नाम धीरेधीरे गायब हो गया और IPL सफर खत्म हो चुका था। राहुल शर्मा ने अपने आईपीएल करियर में कुल 44 मैच खेले। इसमें उन्होंने 27.15 के औसत और 7.02 की इकॉनमी से 40 विकेट लिये। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/13 रहा, जो 2011 के संस्करण में आया था।

कामरान खान

साल 2009 में युवा तेज गेंदबाज कामरान खान ने अपनी रफ्तार से सबको प्रभावित किया था। आईपीएल 2009 में राजस्थान रॉयल्स में 19 साल के कामरान खान को शेन वॉर्न का साथ मिला था, लेकिन चोटों की वजह से इस होनहार गेंदबाज का करियर समय से पहले ही खत्म हो गया। कामरान खान आईपीएल में कुल नौ मैच ही खेल पाये। इसमें उन्होंने 24.9 के औसत और 8.40 की इकॉनमी से नौ विकेट लिए थे।

मनप्रीत गोनी

मनप्रीत गोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स से टीम इंडिया तक का सफर तय किया, लेकिन बाद में वह अपनी लय कायम नहीं रख पाये। मनप्रीत गोनी का सितारा जितनी तेजी से चमका, उतनी ही तेजी से फीका भी पड़ गया। मनप्रीत गोनी ने आईपीएल 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 26.05 के औसत और 7.38 की इकॉनमी से 17 विकेट लिए थे, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। मनप्रीत गोनी ने अपने आईपीएल करियर में कुल 44 मैच खेले। इसमें उन्होंने 34.78 के औसत और 8.70 की इकॉनमी से 37 विकेट लिए।

सौरभ तिवारी

इस सूची में शायद सबसे दिलचस्प नाम सौरभ तिवारी का है। सौरभ तिवारी ने कभी भारत की U19 टीम में विराट कोहली के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर किया था। आईपीएल 2010 में मुंबई इंडियंस के लिए उनके 419 रन देखकर ऐसा लगा था कि उनका करियर भी उनके पूर्व कप्तान जैसा ही होगा, लेकिन आईपीएल 2021 तक खेलने के बावजूद शुरुआती वादा अधूरा ही रह गया। सौरभ तिवारी ने आईपीएल में 2008 से 2021 के दौरान सिर्फ एक संस्करण में नहीं खेला। इस दौरान उन्होंने 93 मैच में 28.73 के औसत और 120.10 के स्ट्राइक रेट से 1494 रन बनाए। उनका उच्चतम स्कोर 61 रन है। उन्होंने आईपीएल करियर में आठ अर्धशतक लगाये हैं।

शादाब जकाती

शादाब जकाती को IPL ने दुनिया में अपनी पहचान बनाने का मौका दिया। आईपीएल 2009 में बाएं हाथ के स्पिनर के तौर पर शादाब जकाती दक्षिण अफ्रीकी पिचों से काफी टर्न मिला। उन्होंने लगातार दो मैचों में 44 विकेट लिए और अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। आईपीएल 2010 में शादाब ने 13 विकेट लिए। साल 2010 में ही चेन्नई सुपर किंग्स पहली बार आईपीएल चैंपियन बनी थी। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। हालांकि, इसके बाद उनका करियर ग्राफ गिरता चला गया। साल 2014 में उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने खरीदा, लेकिन उस सीजन सिर्फ एक मैच ही खेलने को मिला। वह भी अपनी पुरानी टीम CSK के खिलाफ। उन्होंने 2017 के सीजन में गुजरात लायंस के लिए खेला और 28 दिसंबर 2019 को क्रिकेट को अलविदा कह दिया। शादाब ने आईपीएल करियर में 59 मैच में 30.85 के औसत और 8.02 की इकॉनमी से 47 विकेट लिए, इसमें से 45 विकेट उनके शुरुआती चार सीजन में ही आ चुके थे।

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