बाथरूम में दिया था 4 बच्चों को जन्म, अलमारी में मिला सभी का शव, सबके साथ… कलयुगी मां की खौफनाक कहानी!

जरा सोचिए, क्या एक मां जिसने अपने बच्चों को जन्म दिया, खुद ही उनकी जान ले सकती है? इतना ही नहीं जान लेने के बाद सालों तक उसी घर में बच्चों की लाश संग रह सकती है? जी हां, सही पढ़ा आपने ऐसा की हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक 39 साल की मां ने चार नवजात बच्चों पहले तो जन्म दिया और फिर बच्चों की जान लेने के बाद सालों तक उसी घर में रहती रही.

इस हत्यारी मां का नाम है जेसिका माउथे (Jessica Mauthe) है. जेसिका ने अपने ही घर में अपने ही 4 बच्चों का शव छिपा कर रखा. जेसिका के घर की एक अलमारी में तौलियों और कचरे के बैगों में लिपटा एक नवजात का शव मिला. इतना ही नहीं उसने अटारी (loft) से तीन और नवजात शव छिपा रखे थे.

नवजात बच्चों की लाश संग रह रही थी महिला
यह मामला तब सामने आया जब कुछ हफ्ते पहले जेसिका को मकान मालिक ने घर खाली करने का नोटिस दिया. जब मकान मालिक सामान देखने घर पहुंचा तो उसे एक अलमारी में तौलियों और कचरे के बैगों में लिपटा एक नवजात का शव मिला. उसने तुरंत पुलिस को बुलाया. पुलिस ने जब घर की तलाशी ली तो अटारी (loft) से तीन और नवजात शव मिले, जो की कुछ टोट बैग्स और बकेट्स में छिपाए हुए.  जब जेसिका माउथे को अदालत में पेश किया गया तो उसने सभी आरोपों से इनकार कर दिया.

हर बच्चे को लेकर अलग-अलग बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जेसिका ने हर बच्चे के बारे में अलग-अलग बयान दिए. उसने सभी बच्चों को बाथरूम में जन्म दिया था.
पहले बच्चे के बारे में उसने कहा कि उसने ‘हल्की सी आवाज सुनी, फिर वह बेहोश हो गई. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। होश आने पर बच्चा मर चुका था.
दूसरे और तीसरे बच्चों के बारे में उसने कहा कि वे शायद स्टिलबॉर्न (मृत जन्मे) थे, क्योंकि उन्होंने कोई आवाज नहीं की.
वहीं चौथे बच्चे की कहानी जरा अलग है, पुलिस ने बताया कि उसने चौथे बच्चे को टॉयलेट में जन्म दिया और बच्चा जीवित था. उसने बच्चे की आवाजें सुनीं, पर कुछ मिनट तक उसे वहीं पड़ा रहने दिया. फिर उसने बच्चे को निकाला, तौलिये में लपेटा और करीब 15–20 मिनट तक अपनी गोद में रखा, जब तक बच्चा शांत नहीं हो गया. उसने बताया कि उसे नहीं पता कि बच्चा उसकी पकड़ से मरा या इसलिए कि उसका मुंह और नाक ढक गया था.

बिना जमानत जेल भेज दिया गया
जेसिका के वकील चक पास्कल ने अदालत में कहा कि पुलिस के पास किसी भी बच्चे की मौत का सबूत नहीं है. न पोस्टमार्टम रिपोर्ट है, न यह साबित हुआ कि बच्चे पैदा होने के बाद जिंदा थे. वकील ने कहा कि जेसिका के बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह उस वक्त खून की कमी, दर्द और मानसिक उलझन में थी. जिसके बाद जज जे. गैरी डेकोमो ने बचाव पक्ष की दलीलें खारिज कर दीं और सभी आरोप कायम रखे. जेसिका माउथे को बिना जमानत जेल भेज दिया गया है. अब उसे ट्रायल का सामना करना होगा. अगली सुनवाई की तारीख फिलहाल तय नहीं हुई है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

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