‘शारीरिक संबंध बनाओ…, लाडकी⁣⁣ बहिण योजना का ई-केवाईसी करने घर पहुंचा शख्स, फिर करने लगा ये हरकत…

Maharashtra Crime News: जलगांव में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना के लिए ई-केवाईसी करने के नाम पर एक शख्स ने महिला से शारीरिक संबंध बनाने की मांग की. यही नहीं उनके मना करने के बाद भी आरोपी लगातार पीछा करता रहा.

Jalgaon Crime: महाराष्ट्र के जलगांव में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना का ई-केवाईसी करने के नाम पर महिला से ऐसी मांग की गई, जिसने जिले में हलचल माच दी है. आरोप है कि शख्स ने ई-केवाईसी के नाम पर महिला से शारीरिक संबंध बनाने की मांग की. आरोपी गोकुल चव्हाण ने योजना के लिए जरूरी दस्तावेज जुटाने के बहाने एक महिला के घर पहुंचकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के बदले शारीरिक संबंध बनाने की मांग की.

इस मामले में पीड़ित महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। महिला ने शिकायत में कहा कि आरोपी ने लाडकी बहिण योजना की केवाईसी करवा देने का आश्वासन दिया, लेकिन बदले में उसने शारीरिक संबंध बनाने की मांग की.

पति की चेतावनी के बाद भी लगातार पीछा करता रहा आरोपी 

महिला का आरोप है कि उसके पति की ओर से चेतावनी दिए जाने के बाद भी आरोपी लगातार पीछा करता रहा. शिकायत के आधार पर संदिग्ध गोकुल चव्हाण के खिलाफ शहर पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है.

शिकायत में महिला ने बताया कि नवंबर-दिसंबर 2025 के दौरान लाडकी बहिण योजना की राशि खाते में जमा न होने के कारण संबंधित महिला को केवाईसी कराने की सलाह दी गई थी. इसकी जानकारी मिलते ही संदिग्ध गोकुल चव्हाण महिला के घर पहुंचा और केवाईसी करवा देने का आश्वासन दिया, लेकिन बदले में उसने शारीरिक सुख की मांग की.

महिला के मुताबिक उन्होंने यह पूरी बात अपने पति को बताई. इसके बाद महिला के पति ने गोकुल चव्हाण को दोबारा इलाके में न आने की सख्त चेतावनी दी थी. इसके बावजूद भी गोकुल चव्हाण लगातार महिला का पीछा कर रहा था. फिलहाल पीड़िता के शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर शहर पुलिस मामले की जांच कर रही है.

योजना के लिए ऑनलाइन ग्राहक सत्यापन एक जरूरी प्रक्रिया

बता दें कि ई-केवाईसी यानी ऑनलाइन ग्राहक सत्यापन एक जरूरी प्रक्रिया है, जिसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे. इसी कारण सभी लाभार्थियों के लिए यह प्रक्रिया समय पर पूरी करना अनिवार्य किया गया था. हाल ही में ई-केवाईसी नहीं होने की वजह से करीब 68 लाख लाभार्थियों के खाते बंद कर दिए गए थे.

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