दिवंगत दिग्गज अभिनेता राज कुमार भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन सितारों में से एक थे, लेकिन उनकी एक बेहद अजीब सी आदत थी। वह लगभग हर किसी को अपने पालतू डॉग के नाम से बुलाते थे। खास बात ये थी कि वह ऐसा मजाक या बेइज्जती के लिए नहीं, बल्कि अपनापन दिखाने के अंदाज में करते थे। हालांकि, उनके इस मजेदार स्वभाव के पीछे एक सख्त और मुश्किल पर्सनैलिटी भी थी।

इस बात का खुलासा हाल ही में मशहूर फिल्ममेकर केसी बोकाडिया ने एक इंटरव्यू में किया है। उन्होंने दावा किया कि राजकुमार को संभालना काफी मुश्किल था। उन्होंने यहां तक कहा कि उनके साथ काम करना अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण था। इस दौरान उन्होंने अपनी निर्देशित फिल्म ‘पुलिस और मुजरिम’ से जुड़ा एक किस्सा भी शेयर किया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। यह मूवी साल 1992 में रिलीज हुई थी।
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क्यों सभी को ‘जानी’ बुलाते थे राज कुमार
से बात करते हुए केसी ने बताया, “उनके कुत्ते का नाम ‘जानी’ था। इसलिए, वह हर किसी को ‘जानी’ कहकर बुलाते थे। खुशकिस्मती से उन्होंने मुझे कभी उस नाम से नहीं बुलाया और हमेशा ‘बोकाड़िया साहब’ कहकर ही संबोधित किया।” इसके बाद बोकाड़िया ने एक मजेदार किस्सा भी सुनाया कि कैसे उन्होंने अपनी निर्देशित फिल्म ‘पुलिस और मुजरिम’ के लिए राज कुमार को सिर्फ एक दिन के नोटिस पर राजी कर लिया था।
मूडी इंसान थे राज कुमार
फिल्ममेकर ने कहा, “एक शाम मैंने उन्हें फोन किया। हमने अगले दिन के लिए मुहूर्त शॉट की योजना बनाई थी। अगर वह किसी इंसान का चेहरा नहीं जानते, तो वह फिल्म नहीं करते। उनके लिए कहानी दूसरे नंबर पर आती है। जैसे ही उन्होंने फोन उठाया, मैंने उनसे कहा कि राज साहब, मैं आपके साथ एक लाइन शेयर करना चाहता हूं। वह मान गए और उन्हें संभालना बच्चन साहब को संभालने से ज्यादा मुश्किल था। हां, बच्चन एक हिसाबकिताब रखने वाले इंसान हैं, लेकिन राज साहब मूडी थे।”
उन्होंने आगे कहा, “एक हिसाबकिताब रखने वाले इंसान को बातें समझाना आसान होता है। लेकिन जब बात किसी मूडी इंसान की आती है, तो यह समयसमय पर उसके मूड पर निर्भर करता है। फिर जब मैंने अपनी फिल्म का सीन अभिनेता को सुनाया, तो उन्होंने कि यह अच्छा है। मैंने तुरंत उनसे फिल्म करने का अनुरोध किया। उनका जवाब था कि वह मुझे मना नहीं कर सकते।”
फिर उनकी बातचीत पैसों के मामलों पर आई, तो केसी बोकाडिया ने बताया कि उन्होंने राज कुमार को उनकी मांगी हुई रकम से भी ज्यादा पैसे ऑफर किए। फिल्ममेकर ने कहा, “मैंने उनसे पूछा कि उन्हें कितने पैसे चाहिए। उन्होंने पूछा कि पिछली बार आपने मुझे कितने पैसे दिए थे?’ जिस पर मैंने जवाब दिया कि 21 लाख रुपये। फिर उन्होंने मुझसे और ज्यादा पैसों की मांग की। मैंने 23 लाख रुपये कहे, उन्होंने 24 लाख रुपये मांगे और मैंने तुरंत उन्हें 25 लाख रुपये ऑफर कर दिए। इसके साथ ही, मैंने उनसे एक और फेवर मांगा कि वे अगली ही सुबह इस प्रोजेक्ट से जुड़ जाएं, क्योंकि मुहूर्त अगले दिन ही तय था।”
हालांकि राज कुमार इस बात से हैरान थे, लेकिन बोकाडिया ने आखिरकार उन्हें मना ही लिया। फिल्ममेकर ने बताया, “उन्होंने मुझसे पूछा कि इतने कम समय में हम कॉस्ट्यूम कैसे तैयार कर पाएंगे। मैंने उनसे कहा कि आप पिछले 2530 सालों से एक जैसे ही दिख रहे हैं, तो हमें नए कपड़ों की क्या जरूरत है। मैं तो बस यही चाहता हूं कि मुहूर्त शॉट आपका ही हो।” फिर कुमार ने वही पीला कोट पहनकर मुहूर्त शॉट दिया, जो उन्होंने BR चोपड़ा की फिल्म ‘हमराज’ के गाने ‘नीले गगन के तले’ में पहना था।
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