डायबिटीज में करेला खाना फायदेमंद माना जाता है। करेला को इंग्लिश में बिटर गॉर्ड कहते हैं, जो ब्लड शुगर कम करने वाली सब्जी है। करेला खाने से शरीर के सेल्स को ग्लूकोज मांसपेशियों, लिवर और फैट तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलती है। करेला में लेक्टिन होते हैं, जो भूख को कंट्रोल करते हैं। इसलिए करेला को टाइप 2 डायबिटीज के मरीज के लिए अच्छा माना गया है। कई रिसर्च में पता चला है कि करेला ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकता है। आइये जानते हैं करेला में ऐसा क्या पाया जाता है जिससे डायबिटीज में फायदा मिलता है। डायबिटीज के मरीज को करेला कैसे खाना चाहिए, जिससे भरपूर फायदा मिले।

करेला में क्या होता है जिससे शुगर कम होता है?
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मी के मुताबिक, करेला में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हैं। करेला में चारेंटिन, पॉलीपेप्टाइडपी और वाइसिन सहित इन यौगिकों में हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव होते है, जिसका मतलब है ये रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं। करेला का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 18 से 30 के बीच होता है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इससे ब्लड शुगर स्पाइक कम करने में मदद मिलती है। करेला लो कैलोरी और लो कार्बोहाइड्रेट फूड है, जिससे वजन और शुगर दोनों कम होते हैं। करेला में विटामिन सी और फ्लेवोनोइड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इससे डायबिटीज से जुड़े ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है।
डायबिटीज में करेला खाने के फायदे
करेले का नियमित सेवन मधुमेह वाले लोगों में बेहतर ग्लाइसेमिक नियंत्रण बनाए रखने में मदद करता है। यह भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्पाइक्स को कम करने में मदद कर सकता है और रक्त शर्करा के स्तर के बेहतर प्रबंधन में योगदान कर सकता है।
डायबिटीज में कैसे खाएं करेला
करेले का जूस शुगर कम करने के लिए करेला का जूस सबसे अच्छा माना जाता है। करेले को मिक्सी में डालकर पीस लें और उसका जूस निकाल लें। सुबह खाली पेट करेले का जूस पीने से ब्लड शुगर नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
करेला स्टरफ्राई करेला को टुकड़ों में काटकर बहुत कम तेल में फ्राई कर लें। आप चाहें तो करेले के बीज हटा सकते हैं। करेले में प्याज डालकर इसे थोड़ी देर स्टर फ्राई करें। इसे रोटी के साथ खाएं। पसंदीदा मसाले फ्लेवर के लिए डाल दें।
करेले की भुजिया करेले की सूखी सब्जी यानि करेले की भुजिया को कम तेल मसाले में बनाया जा सकता है। इसे आप दाल के साथ खा सकते हैं। ध्यान रखें तेल और मसालों की मात्रा आपको बहुत ज्यादा नहीं रखनी है।
भरवां करेला कभी कभी थोड़ा स्वाद के लिए भरवां करेला खा सकते हैं। लेकिन इसे बहुत कम तेल में बनाएं और बहुत सीमित मात्रा में ही खाएं। भरवां करेला में पोषक तत्व कम हो जाते हैं। इसलिए इससे ज्यादा फायदा नहीं मिलता।
करेला चिप्स और सूप करेला और दूसरी सब्जियां डालकर करेले का सूप बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा करेले को पतला काटकर उन्हें एयर फ्रायर में फ्राई करके बहुत कम तेल में बना सकते हैं। इससे करेले के स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।




