मुंबई: अमेरिकाईरान सीजफायर की उम्मीदों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार टूट गए। इस दिन कारोबारी सत्र में दिन भर के उतारचढ़ाव के बाद बाजार के प्रमुख बेंचमार्क फ्लैट बंद हुए। दोनों प्रमुख सूचकांक सत्र की शुरुआत में ऊपर चढ़े थे, लेकिन बाद में फिसलकर अपने पिछले बंद भाव से भी नीचे आ गए।

सेंसेक्स 114 अंक फिसला
गुरुवार की शाम बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 114 अंक यानी 0.15 प्रतिशत फिसलकर 77,844.52 तक गिर गया। एनएसई का निफ्टी50 भी 4.30 अंक गिरकर 24,326.65 पर आ गया। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। दिन में कारोबार के दौरान, सेंसेक्स 78,339.24 पर खुलकर 78,384.70 का इंट्राडे हाई तो 77,713.21 का लो बनाया। वहीं निफ्टी 24,398.50 पर खुलकर 24,482.10 का इंट्राडे हाई और 24,284 का लो बनाया। व्यापक बाजारों ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.10 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
इनका प्रदर्शन कमजोर
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी आईटी और निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी पीएसयू बैंक का प्रदर्शन कमजोर रहा। जबकि निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए। निफ्टी 50 पैक में एचडीएफसी लाइफ, बजाजऑटो, एमएंडएम, ग्रासिम, एनटीपीसी, अपोलो हॉस्पिटल, हिंडाल्को, कोटक बैंक और ओएनजीसी के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जिनमें 3.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। जबकि एचयूएल, टीसीएस, टाइटन, टेक महिंद्रा, आईटीसी, सन फार्मा और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
मार्केट कैप बढ़ा
गुरुवार के कारोबारी सत्र में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र में 473 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 475 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी एक दिन में निवेशकों ने करीब 2 लाख करोड़ रुपए कमाए।
आगे क्या रहेगा
तकनीकी नजरिए से देखें तो विशेषज्ञों के अनुसार, 24,40024,500 का स्तर फिलहाल निफ्टी के लिए मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर लगातार टिकने में सफल रहता है, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है और इंडेक्स 24,600 या उससे ऊपर के स्तर तक जा सकता है। वहीं नीचे की ओर 24,10024,000 का दायरा अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। अगर बाजार में दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो यह स्तर बाजार को सहारा दे सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा काफी हद तक खाड़ी क्षेत्र से जुड़ी खबरों पर निर्भर करेगी। खासतौर पर अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की संभावनाएं बाजार में उतारचढ़ाव तय करेंगी।
कच्चे तेल में गिरावट
इस बीच, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमतें 2.32 प्रतिशत गिरकर 99.92 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करती नजर आईं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हुआ और करीब 15 पैसे की बढ़त के साथ 94.24 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा।
अमेरिकाईरान वार्ता को लेकर बेहतर माहौल बनने से निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा मजबूत हुई है।





