प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ईंधन बचाओ’ अपील के बाद भाजपा शासित राज्यों ने उनकी अपील का अनुसरण करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपने काफिले का आकार घटा दिया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनज़र देशवासियों से पेट्रोलडीजल की बचत करने तथा ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।”
सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की इस महत्वपूर्ण अपील को आत्मसात करते हुए विभागीय कामकाज हेतु वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया है। मैं और मेरे सभी कैबिनेट सहयोगी, भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक, जनप्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के अधिकारी एवं सभी विभाग भी आवश्यकता के अनुरूप न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे तथा कारपूल और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे।
रेखा गुप्ता ने आगे लिखा कि ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रहित से जुड़ा दायित्व है। दिल्ली सरकार ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूँ कि वे भी माननीय प्रधानमंत्री जी की इस आह्वान का पालन करते हुए ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में सहभागी बनें।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद कहा कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए। इतना ही नहीं उन्होंने वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को प्राथमिकता देने की अपील की।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव के साथ एक हाईलेवल मीटिंग की। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री ने हफ्ते में एक बार नो व्हीकल डे मनाने का भी सुझाव दिया और मंत्रियों, सांसदों और विधायकों सहित जन प्रतिनिधियों से हफ्ते में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।
उत्तर प्रदेश सरकार एक नई सलाह तैयार कर रही है। इसमें उद्योगों, स्टार्टअप्स और बड़े दफ्तरों से कहा जाएगा कि जहां संभव हो, वे कर्मचारियों को हफ्ते में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यात्रा और ईंधन की खपत कम करने के लिए मीटिंग, सेमिनार, और वर्कशॉप ऑनलाइन आयोजित की जाएं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्या कहा?
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को कहा कि वह अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित कर रहे हैं। उनका यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों से पेट्रोलियम उत्पादों की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की अपील के दो दिन बाद आया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया युद्ध के बीच वैश्विक व्यवधानों और चुनौतियों का सामना करने में देश की मदद के लिए जनता की सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया था।
रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से यथासंभव सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने, कोविडकाल के उपायों जैसे कि वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था और वर्चुअल बैठकों को फिर से शुरू करने, एक वर्ष के लिए गैरजरूरी विदेशी यात्रा और सोने की खरीद से बचने और स्थानीय वस्तुओं को प्राथमिकता देने जैसे उपायों का आग्रह किया था।
मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने का निर्णय लिया है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह काफिले में अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करें। मुख्यमंत्री को अपने काफिले में पांच वाहनों के साथ यात्रा करते देखा गया।
इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव सहित नौकरशाहों और जन प्रतिनिधियों के लिए भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें मुख्यमंत्री ने उनसे पेट्रोल और डीजल बचाने के लिए अपने काफिले में वाहनों की न्यूनतम संख्या का उपयोग करने को कहा है।
हैदराबाद में क्या बोले थे प्रधानमंत्री?
हैदराबाद में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जहां भी मेट्रो उपलब्ध हो, उसका इस्तेमाल करें। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। आनेजाने के लिए कारपूलिंग का सहारा लें और सामान परिवहन के लिए रेलवे का इस्तेमाल करें। इन सब से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी और इस तरह विदेशी मुद्रा पर निर्भरता भी घटेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक संकट के दौरान कि हमें देश को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेना होगा। कोविड19 महामारी के दौरान अपनाए गए उपायों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा था कि हमने कोरोना काल में घर से काम करना, वर्चुअल मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और कई अन्य तरीके विकसित किए। हमें इनकी आदत हो गई थी। इस समय की जरूरत है कि हम इन तरीकों को फिर से शुरू करें।
पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि विदेश में शादियां करने, विदेश यात्रा करने और छुट्टियां मनाने का चलन मध्यम वर्ग में तेजी से बढ़ रहा है। हमें यह तय करना होगा कि संकट के इस दौर में हमें कम से कम एक साल के लिए विदेश यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए। उन्होंने लोगों से त्योहारों के दौरान एक साल तक सोना खरीदने से भी परहेज करने का आग्रह किया था।





